पटना (बिहार): बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। शुक्रवार को जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक डॉ. संजीव कुमार ने खगड़िया ज़िले के परभट्टा में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का दामन थाम लिया। इस मौके पर हजारों की भीड़ उमड़ी और मंच पर डॉ. संजीव कुमार ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता और राजद नेता तेजस्वी यादव ने उनका पार्टी में स्वागत किया। हालांकि खराब मौसम की वजह से तेजस्वी यादव खुद कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके, लेकिन उन्होंने ऑनलाइन सभा को संबोधित करते हुए कहा कि संजीव कुमार का राजद में शामिल होना पार्टी के लिए बड़ा सशक्तिकरण है।

तेजस्वी यादव ने कहा कि कई नेता राजद में शामिल होने के इच्छुक हैं और बहुत जल्द सीट बंटवारे की घोषणा भी कर दी जाएगी। इस बीच, एक्स पर एक पोस्ट के जरिए डॉ. संजीव कुमार ने यह विश्वास जताया कि बिहार में इस बार राजद की सरकार बनेगी और तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने लिखा कि आज 40,000 लोगों की मौजूदगी में मैंने राजद की सदस्यता ग्रहण की और परभट्टा की जनता ने मुझे भरोसा दिलाया कि वे एक बार फिर अपना आशीर्वाद देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मैं 50,000 से कम वोटों से भी जीतता हूँ तो इस्तीफा दे दूँगा, क्योंकि मुझे परभट्टा की जनता पर पूरा विश्वास है। डॉ. कुमार के इस बयान ने चुनावी मैदान में नई सरगर्मी पैदा कर दी है और इसे एक बड़ा सियासी दांव माना जा रहा है। वहीं बिहार की राजनीति में इस कदम के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है क्योंकि यह कदम जेडीयू के लिए बड़ा झटका और राजद के लिए मजबूती का संकेत है। वर्तमान में बिहार विधानसभा में 243 सदस्य हैं, जिनमें से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के पास 131 विधायक हैं। इसमें भाजपा के 80, जेडीयू के 45, एचएएम(एस) के 4 और 2 निर्दलीय शामिल हैं। वहीं दूसरी तरफ राजद महागठबंधन अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जेडीयू विधायक संजीव कुमार का राजद में शामिल होना न केवल स्थानीय समीकरण बल्कि पूरे खगड़िया क्षेत्र की राजनीति को प्रभावित करेगा और महागठबंधन की चुनावी संभावनाओं को बल देगा। बिहार में अब मुख्य मुकाबला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले एनडीए और तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले महागठबंधन के बीच और ज़्यादा तीखा होता जा रहा है।