IndiGo Crisis : देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो इन दिनों एक बड़े संकट से गुजर रही है। पिछले हफ्ते एक ही दिन में रिकॉर्ड 1,600 फ्लाइट रद्द होने के बाद यात्रियों में भारी नाराजगी देखी गई। अब इस पूरे मामले में केंद्र सरकार और डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने सख्ती दिखाते हुए बड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
DGCA ने शुक्रवार को इंडिगो की सुरक्षा और संचालन निगरानी के लिए जिम्मेदार चार फ्लाइट ऑपरेशन इंस्पेक्टरों को सस्पेंड कर दिया। डीजीसीए का कहना है कि ये कर्मचारी मुश्किल में फंसी इंडिगो की सुरक्षा और ऑपरेशनल नियमों की देखरेख के लिए जिम्मेदार थे। इन अधिकारियों में रिषराज चैटर्जी, सीमा झमनानी, अनिल कुमार पोखरियाल और प्रियम कौशिक का नाम शामिल है।
डीजीसीए ने कहा इंडिगो की सुरक्षा, ऑपरेशनल ओवरसाइट तथा नियामकीय अनुपालन की निगरानी उनकी जिम्मेदारी थी। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों व संचालन नियमों की अनदेखी सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
इंडिगो की हाल ही में चल रही समस्याओं की वजह पायलट और क्रू अर्जमेंट के नियमों का पालन न होना बताई जा रही है। ड्यूटी-टाइम सीमाओं के उल्लंघन का सीधा असर शेड्यूल पर पड़ा और बड़ी संख्या में फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ीं। इन सबकी वजह से यात्रियों को लंबी देरी, फ्लाइट रद्द होने का मुआवजा, रिफंड में देरी जैसे चीज़ों का सामना करना पड़ा रहा है। DGCA का मानना है कि निगरानी में लापरवाही के कारण यह संकट और गहरा गया इसलिए कार्रवाई जरूरी थी।
स्थिति को संभालने और स्पष्टता बढ़ाने के लिए DGCA ने दो वरिष्ठ अधिकारियों को इंडिगो के कॉर्पोरेट दफ़्तर में तैनात किया है। ये अधिकारी रोजाना रिपोर्ट देंगे औररिफंड प्रोसेस, समय पर फ्लाइट संचालन, रद्द फ्लाइट के मामलों में मुआवजा, यात्रियों के अधिकारों का अनुपालन जैसी बिंदुओं की निगरानी करेंगे कंपनी के CEO पीटर एल्बर्स को शुक्रवार को DGCA के सामने पेश होना है। उनसे बड़े स्तर पर फ्लाइट कैंसिलेशन, पायलट एवं क्रू मैनेजमेंटस, एयरलाइन की सुधार योजना को लेकर पूछताछ की जाएगी।
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