भारत और अमेरिका ने एक अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप दे दिया है, जिसके तहत भारतीय उत्पादों पर लगने वाला अमेरिकी टैरिफ घटकर 18 प्रतिशत रह जाएगा। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते का स्वागत करते हुए इसे दोनों देशों के लिए “बेहद सकारात्मक खबर” बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि भारत और अमेरिका ने अपने दो महान राष्ट्रों के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पर सहमति बना ली है। उन्होंने दोनों देशों के मजबूत संबंधों के प्रति व्यक्तिगत प्रतिबद्धता के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आभार जताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह रूपरेखा भारत–अमेरिका साझेदारी में बढ़ती गहराई, आपसी विश्वास और नई ऊर्जा को दर्शाती है। यह समझौता भारत के किसानों, उद्यमियों, एमएसएमई, स्टार्टअप इनोवेटर्स, मछुआरों और श्रमिकों के लिए नए अवसर खोलेगा तथा ‘मेक इन इंडिया’ पहल को और मजबूती देगा। उन्होंने भरोसा जताया कि इससे महिलाओं और युवाओं के लिए बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही, यह निवेश और टेक्नोलॉजी साझेदारी को बढ़ाकर इनोवेशन को नई गति देगा।
At the invitation of my friend, Prime Minister Anwar Ibrahim, I will be visiting Malaysia, a nation with which India’s ties are deep-rooted and extensive. This visit will boost our Comprehensive Strategic Partnership and enhance cooperation across sectors.
Malaysia is home to a…
— Narendra Modi (@narendramodi) February 7, 2026
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि व्यापार समझौते की यह रूपरेखा मजबूत और भरोसेमंद सप्लाई चेन को सशक्त करेगी और वैश्विक आर्थिक विकास में योगदान देगी। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे भारत ‘विकसित राष्ट्र’ बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, देश भविष्य-केंद्रित वैश्विक साझेदारियों के लिए प्रतिबद्ध है, जो लोगों को सशक्त बनाएं और साझा समृद्धि को बढ़ावा दें।
इससे पहले केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह व्यापार समझौता भारत–अमेरिका आर्थिक सहयोग को नई मजबूती देगा और स्थायी विकास के प्रति साझा संकल्प को दर्शाता है।
पीयूष गोयल ने ‘एक्स’ पर जानकारी दी कि इस समझौते के तहत अमेरिका भारतीय उत्पादों पर आपसी टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। इससे टेक्सटाइल और परिधान, चमड़ा और फुटवियर, प्लास्टिक व रबर उत्पाद, ऑर्गेनिक केमिकल्स, होम डेकोर, हस्तशिल्प और चुनिंदा मशीनरी जैसे प्रमुख क्षेत्रों को अमेरिकी बाजार में बड़ा अवसर मिलेगा।
उन्होंने बताया कि जेनेरिक दवाओं, रत्न एवं आभूषण और एयरक्राफ्ट पार्ट्स सहित कई उत्पादों पर टैरिफ शून्य हो जाएगा, जिससे भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धा और ‘मेक इन इंडिया’ को और बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, सेक्शन 232 के तहत एयरक्राफ्ट पार्ट्स पर छूट, ऑटो पार्ट्स पर टैरिफ रेट कोटा और जेनेरिक फार्मास्यूटिकल्स पर हुई बातचीत से इन क्षेत्रों में निर्यात को ठोस लाभ मिलेगा।
किसान सुरक्षित, देश विकसित…
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में डेयरी, फल, सब्ज़ियाँ, मसाले और अन्य अनाजों को संरक्षित किया गया है।
इससे घरेलू किसानों के हित सुरक्षित होंगे, स्थानीय कृषि को इतने बड़े बाजार में preferential access से मजबूती मिलेगी और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक… pic.twitter.com/X0bMisAgYn
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) February 7, 2026
पीयूष गोयल ने यह भी स्पष्ट किया कि यह समझौता भारत के संवेदनशील कृषि और डेयरी उत्पादों—जैसे मक्का, गेहूं, चावल, सोया, पोल्ट्री, दूध, पनीर, इथेनॉल, तंबाकू, कुछ सब्जियां और मांस—को पूरी तरह सुरक्षित रखता है। इससे किसानों के हितों की रक्षा होगी और ग्रामीण आजीविका को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि यह अंतरिम व्यापार समझौता भारत और अमेरिका को आर्थिक सहयोग को और गहरा करने की दिशा में मिलकर आगे बढ़ने में मदद करेगा, जो दोनों देशों के लोगों और व्यवसायों के लिए दीर्घकालिक और टिकाऊ विकास का आधार बनेगा।
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