नरेंद्र मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ साझा प्रेस बयान में कहा कि भारत और मलेशिया अपने द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती देने के लिए कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मिलकर आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्तों की बुनियाद आपसी भरोसे और साझेदारी पर टिकी है और इसी सोच के साथ भविष्य की रणनीति तैयार की गई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा के मोर्चे पर भारत और मलेशिया आतंकवाद के खिलाफ साझा प्रयास करेंगे। पीएम मोदी ने साफ शब्दों में कहा- ‘आतंकवाद पर न कोई डबल स्टैंडर्ड, न कोई समझौता.’ इसके तहत खुफिया सूचनाओं के आदान–प्रदान और समुद्री सुरक्षा को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि रक्षा सहयोग को भी और विस्तार दिया जाएगा, जिससे पूरे क्षेत्र में शांति और स्थिरता कायम रखने में मदद मिलेगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा दौर में तकनीक की भूमिका बेहद अहम हो गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर जैसे आधुनिक क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाएंगे। इसके साथ ही स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में भी साझेदारी को मजबूत किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि आज आयोजित सीईओ फोरम ने व्यापार और निवेश के नए अवसरों के द्वार खोले हैं। इससे दोनों देशों की कंपनियों को एक-दूसरे के यहां निवेश और व्यापार बढ़ाने का अवसर मिलेगा। इसका सीधा असर रोजगार सृजन और आर्थिक मजबूती के रूप में देखने को मिलेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने भरोसे को इस साझेदारी की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि रणनीतिक विश्वास के माध्यम से भारत और मलेशिया आर्थिक परिवर्तन की दिशा में एक मजबूत राह तैयार करेंगे। उन्होंने कहा कि यह सहयोग केवल सरकारों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आम लोगों के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव लाएगा। प्रधानमंत्री ने दोहराया कि भारत अपने मित्र देशों के साथ मिलकर शांतिपूर्ण, सुरक्षित और समृद्ध भविष्य की ओर बढ़ना चाहता है। मलेशिया के साथ बढ़ता सहयोग इसी विजन का अहम हिस्सा है, जिससे आने वाले समय में एशिया क्षेत्र में स्थिरता और विकास को नई दिशा मिलेगी।
Addressing the joint press meet with PM Anwar Ibrahim of Malaysia. @anwaribrahim
https://t.co/rmTah9GYpZ— Narendra Modi (@narendramodi) February 8, 2026