नई दिल्ली। भारत ने BRICS प्रेसीडेंसी 2026 के लिए अपनी आधिकारिक वेबसाइट और लोगो का उद्घाटन किया। इस अवसर पर विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बताया कि BRICS 2026 का थीम “क्षमताएं बढ़ाना, नवाचार को बढ़ावा देना और सभी के लिए सतत विकास सुनिश्चित करना” है। उन्होंने कहा कि नया लोगो इस सोच को दर्शाता है और इसमें परंपरा और आधुनिकता का मेल दिखाई देता है।
लॉन्च किए गए लोगो की पंखुड़ियों में सभी BRICS सदस्य देशों के रंग शामिल हैं, जो एकता, विविधता और साझा उद्देश्य की भावना को दर्शाते हैं। यह लोगो दिखाता है कि BRICS अपने सदस्यों के सामूहिक योगदान से ताकत लेता है, जबकि प्रत्येक देश की अलग पहचान का सम्मान भी करता है।

BRICS इंडिया प्रेसीडेंसी की वेबसाइट
विदेश मंत्री ने बताया कि BRICS इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट भी लॉन्च की गई है। यह मंच भारत की अध्यक्षता के दौरान सभी बैठकों, पहलों और नतीजों की जानकारी साझा करेगा। इससे न केवल पारदर्शिता और जुड़ाव बढ़ेगा, बल्कि जानकारी का समय पर प्रसार भी सुनिश्चित होगा।
डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत की अध्यक्षता की चार मुख्य प्राथमिकताएं हैं:
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लचीलापन (Resilience)
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नवाचार (Innovation)
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सहयोग (Collaboration)
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स्थिरता (Sustainability)
Launched preparations for BRICS India 2026 with the unveiling of website, theme and logo, alongside MoS’ @KVSinghMPGonda and @PmargheritaBJP.
🇮🇳’s chairship of BRICS will adopt a ‘Humanity-first’ and ‘people-centric’ approach to build for resilience, innovation, cooperation and… pic.twitter.com/zhLIIzrokf
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) January 13, 2026
नवाचार और विकास
‘नवाचार’ को वैश्विक आर्थिक विकास का मुख्य जरिया बताते हुए जयशंकर ने कहा कि नई और उभरती प्रौद्योगिकियों का इस्तेमाल सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों, खासकर विकासशील देशों की समस्याओं को हल करने के लिए जरूरी है। इसका फोकस लोगों पर होना चाहिए। स्टार्ट-अप्स, MSMEs और नई तकनीकों के क्षेत्रों में बढ़ा हुआ सहयोग एक अधिक न्यायसंगत और समावेशी दुनिया बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

सहयोग और स्थिरता
विदेश मंत्री ने बताया कि भारत ‘सहयोग’ और ‘स्थिरता’ को समान महत्व देता है। इसका मतलब है कि जलवायु कार्रवाई को बढ़ावा देना, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना और सतत विकास के रास्तों का समर्थन करना। यह सभी प्रयास निष्पक्ष और संवेदनशील तरीके से किए जाएंगे।
जयशंकर ने कहा कि आज दुनिया कई जटिल वैश्विक चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में मजबूत, समावेशी और प्रभावी बहुपक्षीय व्यवस्था की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है। BRICS का उद्देश्य इसी बहुपक्षीय व्यवस्था को और मजबूत करना है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र, WTO, IMF और वर्ल्ड बैंक जैसी संस्थाएं अधिक प्रतिनिधि और समावेशी हों। BRICS देशों की ओर से स्थापित न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) आर्थिक सहयोग का एक महत्वपूर्ण जरिया बनकर उभरा है। यह सदस्य देशों के बुनियादी ढांचे और सतत विकास को बढ़ावा देता है।
Speaking at the launch of BRICS India 2026 Website, Logo and Theme. https://t.co/LLZb16y9VA
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) January 13, 2026
BRICS के आदान-प्रदान और सामाजिक योगदान
विदेश मंत्री ने बताया कि BRICS में सदस्यों के बीच युवाओं, संस्कृति, शिक्षा, खेल, पर्यटन और अकादमिक आदान-प्रदान पर विशेष जोर दिया जाएगा। यह आपसी समझ को बढ़ाएगा, सहयोग को मजबूत करेगा और दीर्घकालिक साझेदारी की नींव रखेगा।
भारत की अध्यक्षता का उद्देश्य, लोगो और वेबसाइट का महत्व
जयशंकर ने कहा कि भारत BRICS को रचनात्मक और परिणाम-उन्मुख मंच मानता है। यह व्यापक बहुपक्षीय व्यवस्था का पूरक है और आपसी सम्मान, संप्रभु समानता और आम सहमति के सिद्धांतों पर आधारित है। भारत की अध्यक्षता समावेशी, व्यावहारिक और जन-केंद्रित होगी। उन्होंने सभी BRICS सदस्यों, भागीदार देशों और अन्य हितधारकों से सहयोग और समर्थन की उम्मीद जताई, ताकि भारत की अध्यक्षता के दौरान साझा उद्देश्य और समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके।
विदेश मंत्री के अनुसार, वेबसाइट और लोगो न केवल BRICS सदस्यों के बीच समन्वय बढ़ाएंगे, बल्कि दुनिया को BRICS के उद्देश्यों और पहलों से भी अवगत कराएंगे। यह मंच एकता, विविधता और साझा उद्देश्य की भावना को दर्शाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।
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