उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) विभाग ने मिलावटी शहद के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। चाइनीज सिरप की मिलावट की पुख्ता सूचना मिलने के बाद विभागीय टीम ने गढ़ रोड स्थित नवीन मंडी के पास एक गोदाम पर छापा मारकर 500 प्लास्टिक केनों में करीब चार टन शहद जब्त किया है। जब्त किए गए शहद की बाजार कीमत 22 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है।
गोपनीय सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
एफएसडीए अधिकारियों के अनुसार विभाग को गोपनीय जानकारी मिली थी कि दूसरे राज्य से शहद मंगाकर हापुड़ में एक गोदाम में संग्रहित किया जा रहा है और यहां से उसे अन्य राज्यों में सप्लाई किया जा रहा है। इस इनपुट पर सहायक आयुक्त (द्वितीय) सुनील कुमार के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गोदाम पर छापा मारा। जांच के दौरान गोदाम में रखे शहद को लेकर कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिससे यह आशंका और मजबूत हो गई कि शहद में मिलावट की गई है।

‘तुंगनाथ ट्रेडर्स’ के नाम से संचालित था गोदाम
अधिकारियों ने बताया कि यह गोदाम तुंगनाथ ट्रेडर्स के नाम से संचालित किया जा रहा था। गोदाम के संचालक की पहचान अंकित गर्ग के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संचालक हरियाणा से प्लास्टिक के केनों में शहद खरीदता था और उसे हापुड़ लाकर आंध्र प्रदेश समेत अन्य राज्यों में सप्लाई करता था। हालांकि गोदाम में रखे शहद पर न तो किसी कंपनी का नाम या ब्रांड अंकित था और न ही खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप पैकेजिंग की गई थी।
लेबलिंग और पैकेजिंग नियमों का गंभीर उल्लंघन
निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि शहद के किसी भी केन पर एक्सपायरी डेट, बैच नंबर, निर्माण तिथि या लेबलिंग से संबंधित अनिवार्य जानकारी दर्ज नहीं थी। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत यह एक गंभीर उल्लंघन माना जाता है।
एफएसडीए अधिकारियों का कहना है कि बिना लेबल और मानक पैकेजिंग के शहद का व्यापार किया जाना उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। शहद आमतौर पर स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद के रूप में उपयोग किया जाता है, ऐसे में उसमें मिलावट जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।

पूरा स्टॉक सील, नमूने जांच के लिए भेजे गए, जांच रिपोर्ट के बाद होगी सख्त कार्रवाई
मौके पर मौजूद टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गोदाम में रखे पूरे शहद के स्टॉक को सील कर दिया। साथ ही शहद के नमूने लेकर उन्हें प्रयोगशाला भेजा गया है, जहां यह जांच की जाएगी कि शहद में किस स्तर तक मिलावट की गई है और उसमें चाइनीज सिरप की पुष्टि होती है या नहीं। खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच रिपोर्ट में शहद मिलावटी पाया जाता है, तो संबंधित व्यापारी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें भारी जुर्माना, लाइसेंस निरस्तीकरण और कानूनी कार्रवाई शामिल हो सकती है।
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