शनिवार को गुरु गोबिंद सिंह जी के पवित्र प्रकाशोत्सव के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। पीएम मोदी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक भावपूर्ण संदेश साझा करते हुए लिखा कि गुरु गोबिंद सिंह जी साहस, करुणा और बलिदान की मूर्ति हैं। उनके अनुसार, गुरु साहिब का जीवन और शिक्षाएं हमें सच्चाई, न्याय और मानवीय गरिमा के लिए खड़े होने की प्रेरणा देती हैं।
प्रधानमंत्री ने इस संदेश के साथ पटना साहिब यात्रा की यादगार तस्वीरें भी साझा कीं। इन तस्वीरों में वे गुरुद्वारे में प्रार्थना करते, जोड़ा साहिब के दर्शन करते और लंगर सेवा करते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने इस साल की शुरुआत में तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब की यात्रा के दौरान की तस्वीरें साझा की थीं, जिसमें सेवादारों के साथ लंगर परोसते हुए पीएम मोदी की झलक भी देखने को मिली।
On the sacred Parkash Utsav of Sri Guru Gobind Singh Ji, we bow in reverence to him. He remains an embodiment of courage, compassion and sacrifice. His life and teachings inspire us to stand for truth, justice, righteousness and to protect human dignity. Sri Guru Gobind Singh… pic.twitter.com/QfudU2di3U
— Narendra Modi (@narendramodi) December 27, 2025
दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने भी दी शुभकामनाएं
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाशोत्सव पर उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “अन्याय और दमन के विरुद्ध चेतना जागृत करने वाले, खालसा पंथ के संस्थापक गुरु गोबिंद सिंह जी के पावन प्रकाश पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं।”
अन्याय और दमन के विरुद्ध चेतना जागृत करने वाले, खालसा पंथ के संस्थापक, ‘सरबंस दानी’ साहिब-ए-कमाल श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के पावन प्रकाश पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ।
गुरु साहिब का जीवन शौर्य, त्याग और आध्यात्मिक उत्कर्ष का अद्वितीय समन्वय है। उन्होंने मानवता को यह संदेश दिया कि… pic.twitter.com/eQ3cPX9TUj
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) December 27, 2025
सीएम रेखा गुप्ता ने आगे लिखा कि गुरु साहिब का जीवन शौर्य, त्याग और आध्यात्मिक उत्कर्ष का अद्वितीय समन्वय है। उन्होंने मानवता को संदेश दिया कि धर्म, सत्य और मर्यादा की रक्षा के लिए सर्वस्व का समर्पण ही सर्वोच्च कर्तव्य है। उनके आदर्श, बलिदान और गुरु परंपरा के प्रति अडिग निष्ठा समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।
गुरु गोबिंद सिंह जी का जीवन और संदेश
गुरु गोबिंद सिंह सिखों के दसवें और अंतिम गुरु थे। उनका जन्म 1666 में पटना साहिब में हुआ। उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना की, जो साहस, समानता और न्याय का प्रतीक बना। मुगल अत्याचारों के खिलाफ उन्होंने योद्धा बनकर संघर्ष किया और पांच प्यारों को अमृत छकाकर खालसा का जन्म दिया।
गुरु साहिब ने अपने जीवन में सत्य, सेवा और बलिदान के मूल्य स्थापित किए। उनका जीवन शौर्य और त्याग का उदाहरण है, जो आज भी मानवता और राष्ट्र को मार्गदर्शन देता है। सीएम रेखा गुप्ता ने अपने संदेश में लोगों से कहा कि उनके आदर्शों को अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धा है।
प्रकाशोत्सव का महत्व
गुरु गोबिंद सिंह जी का प्रकाशोत्सव केवल धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि यह समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणा का प्रतीक है। उनके जीवन और शिक्षाएं हमें सत्य, न्याय और धर्म की रक्षा के लिए खड़े होने की सीख देती हैं। इसके माध्यम से युवा पीढ़ी में साहस, करुणा और निस्वार्थ सेवा की भावना विकसित होती है।
प्रधानमंत्री और सीएम की यह श्रद्धांजलि न केवल उनके आदर्शों को सम्मान देती है, बल्कि समाज में मानवीय गरिमा और धर्म की रक्षा के संदेश को भी फैलाती है।
पीएम और सीएम की साझा प्रेरणा
पीएम मोदी और सीएम रेखा गुप्ता दोनों ने अपने संदेशों में गुरु साहिब के जीवन और शिक्षाओं को प्रमुखता दी। उन्होंने कहा कि सत्य और धर्म की रक्षा हेतु अपने कर्तव्यों का पालन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। यह प्रकाशोत्सव हमें याद दिलाता है कि त्याग, सेवा और साहस के मूल्यों को जीवन में अपनाना ही सच्ची श्रद्धा है।
गुरु गोबिंद सिंह जी का जीवन और शिक्षाएं आज भी हर भारतीय के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का स्रोत हैं। उनके बलिदान और आदर्श हमें हमेशा याद दिलाते हैं कि धर्म, न्याय और मानवता के लिए खड़े होना सर्वोच्च कर्तव्य है।







