“भारत के मध्यम वर्ग के लिए सरकारी योजनाएँ”:
मध्यम वर्ग का योगदान भारत के विकास में अत्यधिक महत्वपूर्ण है। मध्यम वर्ग ने देश की आर्थिक वृद्धि, सामाजिक परिवर्तन और राजनीतिक स्थिरता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आर्थिक रूप से, मध्यम वर्ग करों का एक महत्वपूर्ण स्रोत है और उनकी बढ़ती आय और उपभोग ने देश में आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा दिया है। मध्यम वर्ग ने निवेश और उद्यमिता में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे नए व्यवसायों और रोजगार के अवसरों का सृजन हुआ है।
सामाजिक रूप से, मध्यम वर्ग ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और सामाजिक परिवर्तन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जैसे कि महिला सशक्तिकरण और जाति और लिंग भेदभाव के खिलाफ लड़ाई। सांस्कृतिक विकास में भी मध्यम वर्ग का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। राजनीतिक रूप से, मध्यम वर्ग ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भागीदारी की है और नागरिक समाज में सक्रिय भूमिका निभाई है।
भारत सरकार ने मध्यम वर्ग की भूमिका को पहचानते हुए, उनकी वित्तीय सुरक्षा, सामाजिक कल्याण और विकास सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएँ शुरू की हैं, जैसे कि प्रधानमंत्री जन-धन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत और स्किल इंडिया आदि। इन योजनाओं का उद्देश्य मध्यम वर्ग के जीवन को आसान और बेहतर बनाना है। कुछ प्रमुख योजनायें निम्नलिखित हैं:
प्रधानमंत्री जन-धन योजना: वित्तीय समावेशन और महिलाओं के सशक्तिकरण में बड़ी छलांग
1. प्रधानमंत्री जन-धन योजना (पीएमजेडीवाई) एक महत्वपूर्ण योजना है जिसका उद्देश्य वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना और भारत के हर घर तक बैंकिंग सेवाओं को पहुँचाना है। इस योजना के तहत शून्य शेष राशि पर बैंक खाते खोले जाते हैं, जिसमें RuPay कार्ड, ओवरड्राफ्ट सुविधा और दुर्घटना बीमा जैसी सुविधाएँ शामिल हैं। 53 करोड़ से ज्यादा जन-धन खाते खोले गए, जिनमें से 55% से ज्यादा खाते महिलाओं के नाम पर हैं। इस योजना ने मध्यम वर्ग को बचत को बढ़ावा देने, वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने और सरकारी सब्सिडी सीधे खातों में स्थानांतरित करने में मदद की है, जिससे भ्रष्टाचार में कमी आई है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) का उद्देश्य हर नागरिक को किफायती आवास उपलब्ध कराना है। योजना के दो प्रमुख घटक हैं:
2. प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) का मुख्य उद्देश्य देश के प्रत्येक नागरिक को किफायती आवास प्रदान करना है। इस योजना के दो घटक हैं: PMAY (शहरी): शहरी क्षेत्रों में मध्यम आय वर्ग के लिए रियायती आवास ऋण और PMAY (ग्रामीण): ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों को बुनियादी सुविधाओं के साथ आवास प्रदान करना। इस योजना ने ग्रामीण भारत में किफायती आवास तक पहुँच को बढ़ावा दिया है, जिससे गरीबी कम करने और जीवन स्तर में सुधार हुआ है।
आयुष्मान भारत योजना
3. आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत लाभार्थी परिवारों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज सरकारी और निजी अस्पतालों में, 7 करोड़ से ज्यादा मरीजों को मुफ्त इलाज मुहैया कराया जा चुका है। यह योजना मध्यम वर्ग के लिए बड़े चिकित्सा खर्च से सुरक्षा प्रदान करती है, जिससे परिवारों को आर्थिक तंगी से बचाया जा सकता है।
सुकन्या समृद्धि योजना
4. सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)के मुख्य बिंदु हैं: 10 वर्ष से कम उम्र की लड़कियों के लिए बचत खाता खोलने की सुविधा, 7.6% की वार्षिक ब्याज दर और कर-मुक्त। इस योजना के तहत 3 करोड़ से ज्यादा सुकन्या समृद्धि खाते खोले जा चुके हैं, जो लड़कियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
अटल पेंशन योजना (APY)
5. अटल पेंशन योजना (APY) योजना के मुख्य बिंदु हैं: असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए पेंशन सुरक्षा प्रदान करना, 18-40 वर्ष की आयु के लोगो के लिए, 60 वर्ष की आयु के बाद 1,000 रुपये से 5,000 रुपये तक मासिक पेंशन, 70 रुपये से शुरू होने वाला वार्षिक अंशदान।
राष्ट्रीय पेंशन योजना
6. राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) का दीर्घकालिक बचत: सेवानिवृत्ति के लिए बचत करने की सुविधा, पेंशन राशि जमा करने के लिए व्यक्तिगत खाता, वृद्धावस्था में वित्तीय स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करना। 2025 तक, एनपीएस के अंतर्गत 1.5 करोड़ से ज्यादा सदस्य हो गये हैं और संपत्तियों का मूल्य 10 लाख करोड़ पार कर गया है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना
7. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) योजना के मुख्य बिंदु हैं: गरीब परिवारों की वयस्क महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन प्रदान करना, 8 करोड़ कनेक्शन जारी करने का लक्ष्य सितंबर 2019 में हासिल कर लिया गया था, मार्च 2025 तक, 10.33 करोड़ लोग इस योजना से लाभान्वित हुए हैं। यह योजना मध्यम वर्गीय परिवारों में ईंधन की लागत को कम करती है और एक स्वस्थ वातावरण को बढ़ावा देती है।
डिजिटल इंडिया कार्यक्रम
8. डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के मुख्य बिंदु हैं: सुरक्षित और मजबूत डिजिटल बुनियादी ढाँचे का निर्माण, सरकारी सेवाओं का इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से वितरण, डिजिटल तकनीकों और सेवाओं के प्रति नागरिकों को जागरूक करना, ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था का निर्माण, सरकारी सेवाओं का ऑनलाइन वितरण, डिजिटल अर्थव्यवस्था का विस्तार, निवेश और रोजगार के अवसर पैदा करना। यह कार्यक्रम भारत को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने और नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
कौशल भारत कार्यक्रम
9. कौशल भारत कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण पहल है जिसका उद्देश्य एक कुशल कार्यबल का निर्माण करना है। इस कार्यक्रम के मुख्य बिंदु हैं: युवाओं को रोज़गार के लिए कौशल सिखाना, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) इसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, 5G तकनीक, साइबर सुरक्षा, हरित हाइड्रोजन, ड्रोन तकनीक आदि पर 400 से ज़्यादा नए पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य है: कुशल कार्यबल का निर्माण, युवाओं को रोज़गार के अवसर प्रदान करना, उभरती हुई उद्योग आवश्यकताओं के साथ तालमेल बनाए रखना, वास्तविक दुनिया का अनुभव और उद्योग का अनुभव प्रदान करना l यह कार्यक्रम मध्यम वर्ग के लिए विकास के नए अवसर प्रदान करता है और उनके जीवन को बेहतर बनाने में मदद करता है।







