Gorakhpur में सीवरेज नेटवर्क का विस्तार
उत्तर प्रदेश में शहरों की साफ-सफाई और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई योजनाएं चल रही हैं। इसी कड़ी में Gorakhpur में भी सीवरेज नेटवर्क को मजबूत करने पर लगातार काम हो रहा है। सरकार की कोशिश है कि शहर में गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था बेहतर हो और लोगों को साफ वातावरण मिल सके।
नगर निगम क्षेत्र में सीवरेज प्रबंधन को व्यवस्थित तरीके से लागू करने के लिए पूरे शहर को अलग-अलग जोन में बांटा गया है। आने वाले समय में इसका सीधा फायदा लाखों लोगों को मिलेगा और शहर की स्वच्छता व्यवस्था भी मजबूत होगी।
शहर को जोन में बांटकर बनाई गई योजना
सीवरेज व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम Gorakhpur के पूरे शहरी क्षेत्र को कुल आठ जोन में विभाजित किया गया है। इन सभी जोन में मिलाकर लगभग 2318 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन बिछाने की योजना तैयार की गई है।
जब यह काम पूरा हो जाएगा तो करीब ढाई लाख घरों को सीवर कनेक्शन मिल जाएगा। इससे शहर की लगभग तेरह लाख आबादी को बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।
पिछले कुछ समय में Gorakhpur में सीवरेज प्रबंधन से जुड़े करीब 1858.34 करोड़ रुपये के कई काम पूरे हो चुके हैं या फिर अभी निर्माणाधीन हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहर में गंदे पानी के निस्तारण को व्यवस्थित बनाना है।
नई परियोजना को कैबिनेट की मंजूरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई प्रदेश कैबिनेट की बैठक में एक और सीवरेज परियोजना को मंजूरी दी गई है। यह परियोजना लगभग 800 करोड़ की लागत से तैयार होगी और इसे अटल नवीकरण और शहरी रूपान्तरण मिशन (AMRUT-2.0) के तहत लागू किया जाएगा। यह योजना जोन ए-3 से जुड़ी है और इसके तहत 17 वार्डों में लगभग 342.19 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाई जाएगी। परियोजना पूरी होने के बाद 43,604 घरों को सीवर कनेक्शन मिलने की संभावना है।
इस नई योजना से Gorakhpur के कई इलाकों में गंदे पानी की समस्या कम होने की उम्मीद है।
पहले से चल रही परियोजनाओं की स्थिति
अमृत कार्यक्रम के तहत Gorakhpur में कई सीवरेज योजनाओं पर पहले से काम किया जा रहा है। जोन ए पार्ट-1 (उत्तरी भाग) में करीब 64.20 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाई जा चुकी है। इस परियोजना के तहत 6745 घरों को सीवर कनेक्शन दिया गया है। इसी तरह जोन ए पार्ट-1 (दक्षिणी भाग) में 109 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाई गई है। यहां करीब 11008 घरों को सीवर कनेक्शन मिल चुका है। इस योजना के तहत 5 एमएलडी क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) भी स्थापित किया गया है।
इसके अलावा जोन सी-2 पार्ट-1 में 69.70 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाई गई है और करीब 12876 घरों को कनेक्शन दिया गया है। यहां 10 एमएलडी क्षमता का एसटीपी लगाया गया है। इन सभी परियोजनाओं से धीरे-धीरे Gorakhpur की सीवरेज व्यवस्था मजबूत होती दिखाई दे रही है।
मार्च 2026 तक पूरा होगा महत्वपूर्ण चरण
इस समय जोन सी-2 पार्ट-2 में एक बड़ी परियोजना पर काम चल रहा है। इसकी लागत करीब 561.34 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
इस परियोजना के तहत 188.47 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही 30 एमएलडी क्षमता का एसटीपी भी बनाया जा रहा है।
जल निगम शहरी के अधिशासी अभियंता पंकज कुमार के अनुसार, अब तक करीब 165 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाई जा चुकी है। कोशिश है कि इस परियोजना को मार्च 2026 तक पूरा कर लिया जाए।
परियोजना पूरी होने के बाद लगभग 43,963 घरों को सीवरेज कनेक्शन मिल सकेगा और Gorakhpur के कई इलाकों में गंदे पानी की समस्या कम होगी।
नालों के लिए भी तैयार हो रही व्यवस्था
शहर में सिर्फ सीवर लाइन ही नहीं बिछाई जा रही, बल्कि नालों के गंदे पानी के प्रबंधन पर भी काम हो रहा है।
गोड़धोइया नाला योजना के तहत करीब 495.24 करोड़ रुपये की लागत से 38 एमएलडी क्षमता का एसटीपी बनाया जा रहा है।
इसके अलावा कटनिया-महेवा नाले के इंटरसेप्शन और डायवर्जन की योजना के तहत 10 एमएलडी क्षमता का एसटीपी तैयार किया जा रहा है।
इन योजनाओं से नालों का गंदा पानी सीधे नदी में जाने के बजाय पहले साफ किया जाएगा। इससे Gorakhpur में पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता दोनों को लाभ मिलेगा।
स्वच्छता और स्वास्थ्य पर पड़ेगा असर
जब किसी शहर में सीवरेज व्यवस्था सही तरीके से काम करती है तो उसका असर साफ-सफाई और जनस्वास्थ्य पर भी दिखाई देता है। गंदे पानी के सही निस्तारण से जलभराव, बदबू और संक्रमण जैसी समस्याएं कम होती हैं।
इसी वजह से प्रशासन का ध्यान इस समय Gorakhpur में सीवरेज नेटवर्क को मजबूत करने पर है। आने वाले समय में जब ये सभी योजनाएं पूरी हो जाएंगी, तो शहर के लोगों को बेहतर और साफ वातावरण मिल सकेगा।