योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय पुस्तक महोत्सव में बच्चों से पुस्तकें पढ़ने और मानसिक विकास पर ध्यान देने की अपील की –
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर विश्वविद्यालय में आयोजित 9 दिवसीय राष्ट्रीय पुस्तक महोत्सव के शुभारंभ के अवसर पर बच्चों और युवाओं से विशेष अपील की। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में स्मार्टफोन का अत्यधिक प्रयोग बच्चों और युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। सीएम ने स्पष्ट रूप से कहा कि अच्छी पुस्तकें व्यक्ति की सच्ची साथी होती हैं और इन्हें पढ़ने से न केवल ज्ञान बढ़ता है बल्कि चरित्र निर्माण और मानसिक विकास भी होता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि “जब नागरिक पढ़ते हैं तभी देश आगे बढ़ता है।”

गोरखपुर में राष्ट्रीय पुस्तक महोत्सव: 200+ स्टॉल, साहित्य और संस्कृति का उत्सव –
मुख्यमंत्री ने पुस्तक महोत्सव के महत्व को समझाते हुए बताया कि इस आयोजन में 200 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें गोरखपुर और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोग अपनी रुचि की पुस्तकों को खरीद सकते हैं। सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर की विशेषता इसलिए भी है क्योंकि पिछले सौ वर्षों से गीता प्रेस ने भारत और विश्व में सनातन धर्म की विचारधारा को पुस्तकों के माध्यम से फैलाया। उन्होंने साहित्यकार फिराक गोरखपुरी, मुंशी प्रेमचंद और प्रो. विश्वनाथ त्रिपाठी सहित हाल ही में दिवंगत श्रीराम दरस मिश्र को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर बच्चों से संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि जीवन में कठिनाइयों का सामना करने में पुस्तकें मार्गदर्शक का काम करती हैं।
प्रदेशभर में पुस्तकालय और डिजिटल लाइब्रेरी का विस्तार, बच्चों में पढ़ाई की आदत बढ़ाई –
मुख्यमंत्री ने डबल इंजन की सरकार द्वारा प्रदेशभर में पुस्तकालयों के विस्तार का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 57,600 ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालयों के साथ पुस्तकालय स्थापित किए गए हैं और 1.56 लाख से अधिक प्राथमिक विद्यालयों में से 1.36 लाख विद्यालयों का कायाकल्प कर पुस्तकालय एवं डिजिटल लाइब्रेरी की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य बच्चों में पढ़ने की आदत और ज्ञान प्राप्ति की संस्कृति को बढ़ावा देना है। उन्होंने यह भी कहा कि आगामी दिनों में यहां विमर्श, परिचर्चा, पुस्तकों के विमोचन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें सभी संस्थाओं को भागीदारी करनी चाहिए।

युवाओं से विशेष आग्रह: अत्यधिक मोबाइल उपयोग से मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है –
सीएम योगी ने युवाओं से विशेष आग्रह किया कि वे स्मार्टफोन पर अनावश्यक समय न गंवाएं। उन्होंने कहा कि अत्यधिक मोबाइल उपयोग युवाओं में अवसाद, विचलन और मानसिक असंतुलन बढ़ा रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की पुस्तक “एग्जाम वारियर्स” छात्रों के लिए मार्गदर्शक है और इसे हर विद्यार्थी पढ़े। इसके अलावा उन्होंने धार्मिक, पर्यावरणीय, तकनीकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संबंधित पुस्तकों को भी ज्ञान और प्रेरणा का महत्वपूर्ण स्रोत बताया।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और प्रतियोगिता विजेताओं का सम्मान, पढ़ाई और सेवा को बढ़ावा –
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी दीदियों और बच्चों को सम्मानित भी किया। निशा, चिंता, प्रेमलता, पुष्पा और बिंद्रावती सहित कई आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पुस्तकें भेंटकर सम्मानित किया गया। वहीं एनबीटी और डीडीयू द्वारा आयोजित प्रतियोगिता में विजयी बच्चों जैसे श्रीजा शरण, अभय वर्मा, रश्मिका दुबे, आदेश कुंवर सिंह, दिव्या विश्वकर्मा सहित कई विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सांसद रविकिशन शुक्ला, विधायकगण विपिन सिंह, प्रदीप शुक्ला, श्रीराम चौहान, श्रवण निषाद और विमलेश पासवान सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। मुख्यमंत्री की यह प्रेरक अपील और सम्मान समारोह बच्चों और युवाओं में पढ़ाई के प्रति रुचि और स्मार्टफोन पर निर्भरता कम करने का सशक्त संदेश बन गया।
व्यक्ति की सबसे सही मार्गदर्शक और सच्ची साथी अच्छी पुस्तकें होती हैं।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में आयोजित ‘गोरखपुर पुस्तक महोत्सव’ का आज शुभारंभ किया। साथ ही बच्चों एवं आंगनबाड़ी दीदियों को पुस्तकें भेंट कर उन्हें सम्मानित भी किया।
पूर्ण विश्वास है कि यह महोत्सव… pic.twitter.com/ULLXUr2th9
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) November 1, 2025







