उत्तर प्रदेश सरकार गोरखपुर से अयोध्या, वाराणसी और अन्य प्रमुख शहरों के लिए लंबी दूरी की Electric Bus सेवा शुरू करने जा रही है। इसके तहत 20 नई इलेक्ट्रिक बसें विभिन्न मार्गों पर संचालित होंगी। सरकार अब डीजल बसों की जगह पर्यावरण अनुकूल इलेक्ट्रिक बसों को बढ़ावा दे रही है। गोरखपुर से वाराणसी के लिए छह बसें चलाई जाएंगी, जिनमें तीन गाजीपुर मार्ग और तीन आजमगढ़ मार्ग से संचालित होंगी। इसके अलावा अयोध्या, बलिया, सोनौली, तमकुहीराज और लार रोड के लिए भी बस सेवाएं शुरू होंगी। यूपीएसआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक लव कुमार सिंह ने बताया कि इस पहल से यात्रा अधिक आरामदायक और किफायती होगी, साथ ही ईंधन की बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

राप्तीनगर डिपो में तैयारी हुई तेज
अगर आप गोरखपुर या आसपास के जिलों में रहते हैं और अक्सर बस से सफर करते हैं, तो आपके लिए एक बहुत अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने गोरखपुर को आधुनिक और प्रदूषण मुक्त सफर की एक बड़ी सौगात दी है। शहर के राप्तीनगर डिपो में नई इलेक्ट्रिक बस की खेप पहुंच चुकी है। ये बसें न केवल देखने में हाईटेक हैं, बल्कि इनमें सफर करना भी काफी आरामदायक होने वाला है। चलिए विस्तार से जानते हैं कि ये बसें कब से चलेंगी और इनका रूट क्या होगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर गोरखपुर परिक्षेत्र को पहले चरण में 20 नई बसें मिली हैं। फिलहाल ये सभी बसें राप्तीनगर डिपो में खड़ी हैं और इनके कागजात तैयार किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि अगले महीने यानी अप्रैल से इन सुविधाओं से लैस Electric Bus का नियमित संचालन शुरू कर दिया जाएगा। अच्छी बात यह है कि इन बसों के लिए डिपो में ही करीब 1.85 करोड़ रुपये की लागत से चार्जिंग प्वाइंट बनाए जा रहे हैं। स्टेशन का काम अब आखिरी दौर में है और मार्च खत्म होने तक ट्रांसफार्मर लगाने जैसे बचे हुए काम भी पूरे कर लिए जाएंगे।

अयोध्या और बनारस के लिए विशेष रूट
इन 20 बसों का रूट चार्ट इस तरह तैयार किया गया है कि पूर्वांचल के सभी महत्वपूर्ण धार्मिक और पर्यटन स्थलों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके। भगवान शिव की नगरी वाराणसी (बनारस) के लिए 6 बसें आवंटित की गई हैं, जिनमें से 3 बसें गाजीपुर के रास्ते और 3 आजमगढ़ के रास्ते चलेंगी। वहीं, राम नगरी अयोध्या के लिए 3 Electric Bus चलाई जाएंगी। इसके अलावा बलिया, सोनौली और तमकुहीराज जैसे रूटों पर भी 3-3 बसें चलेंगी, जबकि 2 बसें लार रोड तक के यात्रियों को सुविधा देंगी।
चार्जिंग की सुविधा और लंबी दूरी का सफर
इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ सबसे बड़ी चिंता चार्जिंग की होती है, लेकिन यहाँ प्रशासन ने इसकी पूरी प्लानिंग कर ली है। जानकारों के मुताबिक, एक बार फुल चार्ज होने के बाद यह Electric Bus लगभग 225 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकेगी। इन बसों को पूरी तरह चार्ज होने में मात्र आधे से एक घंटे का समय लगेगा। यात्रियों की सुविधा के लिए केवल गोरखपुर ही नहीं, बल्कि अन्य प्रमुख स्टेशनों पर भी चार्जिंग प्वाइंट बनाने की तैयारी है ताकि बीच रास्ते में चार्जिंग की कोई समस्या न आए।

कचहरी और रेलवे स्टेशन से होगा संचालन
गोरखपुर के यात्रियों को इन बसों को पकड़ने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। रूट चार्ट के अनुसार, 9 बसें कचहरी बस स्टेशन से अपनी यात्रा शुरू करेंगी, जबकि 11 Electric Bus का संचालन गोरखपुर रेलवे बस स्टेशन से किया जाएगा। क्षेत्रीय प्रबंधक परिवहन निगम लव कुमार सिंह का कहना है की गोरखपुर परिक्षेत्र को 20 एसी इलेक्ट्रिक बसें मिली हैं। अयोध्या, बनारस, सोनौली जैसी जगहों के लिए इलेक्ट्रिक बसें चलने से लोगों की यात्रा आरामदायक और प्रदूषणमुक्त होगी। ईंधन के साथ परिवहन निगम के राजस्व की भी बचत होगी। यात्रियों को जल्द ही सुविधा संपन्न इन नई इलेक्ट्रिक बस की सेवाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी।

सुगम और प्रदूषण मुक्त परिवहन का नया दौर
आज के समय में जब प्रदूषण एक बड़ी समस्या है, तब ऐसी पहल वाकई सराहनीय है। गोरखपुर से अयोध्या या बनारस जाने वाले यात्रियों को अब शोर-शराबे और धुएं वाली पुरानी बसों की जगह शांत और ठंडी Electric Bus में बैठने का मौका मिलेगा। प्रशासन की कोशिश है कि अप्रैल के पहले हफ्ते से ही ये बसें सड़कों पर दौड़ती नजर आएं। परिवहन निगम की यह नई Electric Bus सेवा निश्चित रूप से पूर्वांचल की सड़कों पर बदलाव की एक नई कहानी लिखेगी।
गोरखपुर के लिए ये 20 बसें किसी तोहफे से कम नहीं हैं। यह न केवल परिवहन के क्षेत्र में एक बड़ा सुधार है, बल्कि आम यात्रियों के लिए किफायती और आरामदायक सफर का जरिया भी है। अगर आप भी जल्द ही अयोध्या या बनारस की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो इन नई बसों का अनुभव जरूर लें। आशा है कि आने वाले समय में ऐसी और भी बसें हमारे परिवहन बेड़े में शामिल होंगी ताकि सफर और भी आसान हो सके।
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