जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की अहमदाबाद यात्रा, पीएम मोदी से द्विपक्षीय वार्ता और बड़ी रक्षा एवं ग्रीन एनर्जी डील पर चर्चा

जर्मनी

Share This Article

अहमदाबाद: जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा के लिए अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर पहुंचे। इस दौरान उनका स्वागत राज्य और केंद्रीय अधिकारियों के साथ प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों ने किया। चांसलर मर्ज का यह दौरा भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती देने और दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, तकनीकी सहयोग, रक्षा और ग्रीन एनर्जी के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने के उद्देश्य से है।

आज सुबह 9:30 बजे चांसलर मर्ज प्रधानमंत्री मोदी के साथ साबरमती आश्रम जाएंगे। इसके बाद दोनों नेता साबरमती रिवरफ्रंट का दौरा करेंगे और यहां इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल का उद्घाटन करेंगे। इस दौरान मीडिया और आम जनता को भी रिवरफ्रंट की सुंदरता और सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने का अवसर मिलेगा। सुबह 11:15 बजे गांधीनगर के महात्मा मंदिर में दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी। इस बैठक में भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की जाएगी, जिसने इस वर्ष 25 वर्ष पूरे किए हैं।

व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग

प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज के बीच व्यापार, निवेश, टेक्नोलॉजी, शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट, रक्षा-सुरक्षा, विज्ञान और नवाचार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर चर्चा होगी। जर्मनी से आए इस मौके पर 25 बड़ी जर्मन कंपनियों के सीईओ भी मौजूद हैं, जिनमें प्रमुख उद्योगपति और टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ शामिल हैं।

भारत-जर्मनी के बीच द्विपक्षीय व्यापार 51.23 अरब डॉलर का है, जो भारत के कुल ईयू व्यापार का लगभग 25 प्रतिशत है। वर्ष 2024-25 में सेवाओं का व्यापार 16.65 अरब डॉलर रहा। वहीं अप्रैल 2000 से जून 2025 तक भारत में जर्मनी से कुल 15.40 अरब डॉलर का FDI आया। यह आंकड़े दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों की मजबूती को दर्शाते हैं।

रक्षा क्षेत्र में 8 अरब डॉलर की संभावित डील

प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज की मुलाकात के दौरान सबसे अहम चर्चा भारत के प्रोजेक्ट-75I के तहत 8 अरब डॉलर की टाइप 214NG सबमरीन डील पर होगी। इंडियन नेवी ने इस प्रोजेक्ट के लिए जर्मनी की TKMS कंपनी द्वारा डिज़ाइन की गई एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन तकनीक वाली 2500 टन वजनी सबमरीन चुनी है।

2025 जून में TKMS और भारत की MDL के बीच समझौता हुआ था, जिससे भारत में 6 स्टेल्थ पनडुब्बियों का निर्माण संभव होगा। इस साझेदारी के तहत TKMS सबमरीन डिज़ाइन, इंजीनियरिंग और तकनीकी सलाह देगा, जबकि MDL भारत में निर्माण और डिलीवरी सुनिश्चित करेगा। इस डील के पूरे होने से ‘मेक इन इंडिया’ की ताकत और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह डील भारत की समुद्री रक्षा क्षमताओं को आधुनिक बनाने के साथ-साथ जर्मनी के साथ रक्षा संबंधों को और मजबूत करेगी।

ग्रीन एनर्जी और ग्रीन अमोनिया डील

जर्मनी की सरकारी कंपनी यूनिपर भारत से ग्रीन अमोनिया खरीदने की योजना बना रही है। ग्रीन अमोनिया ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन में प्रयोग किया जाएगा और यह फॉसिल फ्यूल का स्वच्छ विकल्प है। भारत के ग्रीनको ग्रुप के साथ पहले ही समझौता हो चुका है, जिसके तहत सालाना 2.5 लाख मीट्रिक टन ग्रीन अमोनिया सप्लाई की जाएगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस समझौते से न केवल ऊर्जा क्षेत्र में भारत-जर्मनी सहयोग बढ़ेगा, बल्कि यह दोनों देशों के क्लीन एनर्जी लक्ष्यों को भी साकार करेगा।

सांस्कृतिक और पर्यावरणीय सहयोग

चांसलर मर्ज की यह यात्रा सिर्फ व्यापार और रक्षा तक सीमित नहीं है। साबरमती आश्रम और रिवरफ्रंट का दौरा दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और पर्यावरणीय सहयोग को भी मजबूत करने का संकेत है। इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल के उद्घाटन में दोनों नेता भारतीय परंपरा और सांस्कृतिक विविधता का उत्सव मनाएंगे।

यह भी पढ़ें : सोमनाथ स्वाभिमान पर्व: प्रधानमंत्री मोदी का भावुक संबोधन, कहा—‘सोमनाथ का इतिहास विनाश का नहीं, विजय और पुनर्निर्माण का है’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Live Channel

Advertisement

[wonderplugin_slider id=1]

Live Poll

Are You Satisfied DD News UP

Also Read This