गाजा के राफा बॉर्डर के पास इजराइल के कब्जे वाले इलाके की सुरंग में करीब 200 हमास लड़ाके ( सशस्त्र बलों के सदस्य ) फंसे हुए हैं। ये लड़ाके मार्च 2025 से इन सुरंगों में छिपे हुए हैं और अब बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा है। इजराइली सेना ने इन लड़ाकों को बाहर निकालने के रास्ते को पूरी तरह से बंद कर दिया है। इस संकटपूर्ण स्थिति को लेकर इजराइल ने किसी भी तरह के समझौते से इनकार किया है।
इजराइली सेना का सख्त रवैया
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और सेना के अधिकारियों ने साफ किया है कि वे इन लड़ाकों को बचाने के लिए कोई समझौता नहीं करेंगे। इजरायली सेना के चीफ ऑफ स्टाफ, एयाल जमीर ने तो कह दिया कि ये लड़ाके अगर अपनी जान बचाना चाहते हैं, तो उन्हें “अंडरवियर में” ही इजरायली सैन्य ठिकाने तक पहुंचाया जाएगा। उनका कहना था कि किसी भी प्रकार की माफी या सुरक्षित रास्ता इन आतंकियों को नहीं दिया जाएगा।
युद्धविराम और नए प्रस्ताव
इजराइली सेना ने इन लड़ाकों को लेकर मिस्र द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को भी ठुकरा दिया है। इस प्रस्ताव में यह कहा गया था कि हमास के लड़ाकों को गाजा के बाहर सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाए, बशर्ते वे अपने हथियार डाल दें और सुरंगों की पूरी जानकारी दें, ताकि इजराइल इन सुरंगों को नष्ट कर सके। इस प्रस्ताव पर बातचीत जारी है, लेकिन इजराइल का साफ कहना है कि वे आतंकवादियों से कोई समझौता नहीं करेंगे।
मिस्र की भूमिका और संघर्षविराम
मिस्र ने 6 नवंबर को इजराइल और हमास के बीच एक युद्धविराम समझौते का प्रस्ताव दिया था। हालांकि, इजराइल ने इसे अस्वीकार कर दिया है। इस प्रस्ताव के तहत हमास के लड़ाकों को हथियार डालने के बदले सुरक्षित निकलने का रास्ता दिया जा सकता था। लेकिन इजराइल का कहना है कि वे किसी भी हालत में आतंकवादियों को बचाने का जोखिम नहीं उठाएंगे।
इजराइल के सुरक्षा मंत्री इतामार बेन ग्वीर ने इस पूरे मामले को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। उनका कहना है कि जिन लड़ाकों को येलो लाइन पार करते हुए पकड़ा जाएगा, उन्हें मार दिया जाए या गिरफ्तार किया जाए। यह स्थिति उस समय और भी गंभीर हो गई है जब इजराइल के राफा क्षेत्र में कब्जा जमा चुका है और वहाँ से लड़ाकों का बाहर निकलना असंभव सा हो गया है।
फंसे हुए लड़ाकों की स्थिति
इस बीच, हमास के लड़ाकों के लिए यह स्थिति और भी विकट होती जा रही है। कुछ सूत्रों के अनुसार, इन लड़ाकों को यह भी नहीं पता कि गाजा में युद्धविराम लागू हो चुका है, क्योंकि पिछले सात से आठ महीने से इनसे संपर्क नहीं हो पाया है। एक लड़ाके ने तो बताया कि उनका निकलना सीजफायर के लिए महत्वपूर्ण होगा।
हालांकि, इजरायली सेना के मुताबिक, अगर ये लड़ाके सुरंगों से बाहर निकलने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें तुरंत पकड़ लिया जाएगा। इजराइल के लिए यह स्थिति उस समय और जटिल हो गई है जब वे राफा में सुरंगों में छिपे इन लड़ाकों को सीमेंट और विस्फोटक पदार्थों से भरने की योजना बना रहे हैं, ताकि उन्हें मारा जा सके या पूरी तरह से जकड़ लिया जा सके।
भविष्य का रास्ता
गाजा की सुरंगों में फंसे इन हमास लड़ाकों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। मिस्र और अन्य मुस्लिम देशों के दबाव के बावजूद, इजराइल किसी भी स्थिति में समझौते के लिए तैयार नहीं है। इजराइल की स्थिति यह है कि आतंकवादियों से कोई भी समझौता देश की सुरक्षा के लिए खतरे का कारण बन सकता है।







