Garhmukteshwar के ब्रजघाट श्मशान घाट पर गुरुवार दोपहर को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। चार युवक हरियाणा नंबर की आई20 कार में पहुंचे और प्लास्टिक के पुतले को शव बनाकर दाह संस्कार करने की तैयारी करने लगे। उनकी संदिग्ध हरकतों को देखकर स्थानीय लोग तुरंत सतर्क हो गए। जैसे ही किसी ने पुतले का कफन हटाया, वहां किसी इंसान का शव नहीं, बल्कि प्लास्टिक का डमी पड़ा हुआ था।
“स्थानीय लोगों की सतर्कता ने उजागर किया नकली अंतिम संस्कार”
गढ़मुक्तेश्वर के ब्रजघाट श्मशान घाट पर गुरुवार दोपहर को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। चार युवक हरियाणा नंबर की आई20 कार में पहुंचे और प्लास्टिक के पुतले को शव बनाकर दाह संस्कार करने की तैयारी करने लगे। उनकी संदिग्ध हरकतों को देखकर स्थानीय लोग तुरंत सतर्क हो गए। जैसे ही किसी ने पुतले का कफन हटाया, वहां किसी इंसान का शव नहीं, बल्कि प्लास्टिक का डमी पड़ा हुआ था। इस चौंकाने वाली घटना से वहां मौजूद भीड़ में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने मौके पर दो युवकों को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया, जबकि दो भागने में सफल रहे।
“50 लाख रुपये की बीमा धोखाधड़ी का खुलासा”
जांच में सामने आया कि यह पूरी योजना एक बड़े बीमा घोटाले का हिस्सा थी। आरोपी कमल सोमानी और उसके साथी आशीष खुराना ने अंशुल नामक जीवित व्यक्ति को मृत दिखाने की योजना बनाई थी। कमल पर 50 लाख रुपये का भारी कर्ज था और उसने अंशुल के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उसके नाम पर बीमा कराया था। योजना के अनुसार नकली मृतक का अंतिम संस्कार करके बीमा कंपनी से रकम हासिल की जानी थी। पुलिस के संपर्क में आने पर अंशुल पूरी तरह स्वस्थ पाया गया और उसे इस धोखाधड़ी की कोई जानकारी नहीं थी।
“घाट कर्मियों और स्थानीय लोगों की सतर्कता ने साजिश फेल की”
घटना के प्रत्यक्षदर्शी विशाल कुमार ने बताया कि चारों युवक बिना किसी धार्मिक प्रक्रिया के जल्दी-जल्दी लकड़ियां सजाकर अंतिम संस्कार करने लगे। उनकी जल्दबाजी और संदिग्ध हरकतों ने आसपास के लोगों को शक में डाल दिया। घाट कर्मियों और स्थानीय लोगों की सतर्कता ने इस साजिश को समय रहते पकड़ लिया। पुलिस ने पूछताछ के दौरान आरोपियों से उनके इरादों के बारे में पूछताछ की। प्रारंभ में उन्होंने अस्पताल की गलती बताकर बचने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की कड़ाई के बाद उन्होंने योजना का खुलासा कर दिया।
“मास्टरमाइंड कमल सोमानी और योजना का तरीका”
गढ़ की सीओ स्तुति सिंह ने बताया कि कमल सोमानी दिल्ली के कैलाशपुरी का रहने वाला है और उसने अंशुल के आधार व पैन कार्ड किसी बहाने से हासिल किए थे। इसके आधार पर उसने करीब एक साल पहले 50 लाख रुपये का बीमा करवाया और नियमित किस्तें भी जमा करता रहा। योजना के अनुसार गढ़मुक्तेश्वर के ब्रजघाट पर डमी शव का अंतिम संस्कार कर मौत का प्रमाण तैयार करना था। पुलिस ने इस गंभीर वित्तीय घोटाले के लिए दोनों युवकों के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और साजिश के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फरार दो अन्य युवकों की तलाश जारी है।







