उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए यह समय खुशी और उम्मीद का है। उत्तर प्रदेश सरकार ने पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ने के मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल वृद्धि की घोषणा की, जिससे अन्नदाताओं के चेहरे पर मुस्कान लौट आई।इस निर्णय के पश्चात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को गन्ना किसानों से संवाद किया और उनके अनुभवों को साझा किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के निर्णय के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए गन्ना किसानों ने अपनी भावनाएं साझा कीं। किसानों ने एक स्वर में कहा कि योगी जी के कारण हमें एक माह में दो बार दीपावली मनाने का अवसर मिला।
प्रगतिशील किसान संतोष वाजपेयी ने कहा,सभी को गोपाष्टमी की बधाई। एक समय था कि जब गन्ना रखे-रखे सूख जाता था और पर्ची नहीं मिलती थी। अब उन्हें मोबाइल पर पर्ची मिल रही है, जिससे उनका समय और मेहनत दोनों बच रहे हैं। साथ ही सहफसली खेती के विकल्पों से उनकी आय में वृद्धि हुई है।आलू-गन्ना, चना-गन्ना, सरसों-गन्ना, पत्ता गोभी गन्ना जैसे सहफसली खेती का अवसर मिला है। यह सब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और मार्गदर्शन में संभव हुआ है।
पिछली सरकारों में गन्ना किसानों की समस्याओं पर कभी गंभीरता नहीं दिखाई गई। दस वर्षों तक गन्ना मूल्य में स्थिरता नहीं थी और किसानों को अपनी उपज के उचित मूल्य के लिए संघर्ष करना पड़ता था। योगी सरकार ने पिछले आठ वर्षों में गन्ना मूल्य में 35 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि की है। पहली ही कैबिनेट में किसानों के ऋण माफ किए गए और उन्हें सम्मान निधि की व्यवस्था दी गई। मथुरा के किसान हीरा सिंह ने कहा कि ‘भले ही जय जवान-जय किसान का नारा कांग्रेस से आया, लेकिन इसे सार्थक भाजपा सरकार में ही किया गया।’
किसानों का कहना है कि अब गन्ना की बिक्री में कोई कमी या घटतौली नहीं हो सकती। पूर्व की सरकारों में कांटे पर घटतौली आम बात थी, लेकिन योगी सरकार के आने के बाद गन्ना किसानों की उपज सुरक्षित और उनका मूल्य सुनिश्चित है। सरदार गुरदत्त सिंह ने कहा कि ‘सीएम योगी के नेतृत्व में एक माह में दो बार दीपावली मनाने का अवसर मिला है।’ यह बात किसानों की खुशी और संतोष को दर्शाती है।
शामली के किसान सत्यपाल भूरा ने बताया कि योगी सरकार ने गरीब किसानों के चेहरे पर मुस्कान लौटाई है। गन्ना मूल्य वृद्धि ने किसानों को समृद्धि की ओर बढ़ाया है। साथ ही सहफसली खेती से उन्हें नई आय के स्रोत मिले हैं। संतोष वाजपेयी ने कहा कि अब मोबाइल पर पर्ची मिलने से गन्ना बिक्री प्रक्रिया सरल और पारदर्शी हो गई है। आलू-गन्ना, चना-गन्ना और अन्य फसलों के साथ गन्ने की खेती से किसान आर्थिक रूप से मजबूत हो रहे हैं।
कुल मिलाकर गन्ना मूल्य वृद्धि और किसानों के लिए किए गए लाभकारी कदमों ने उत्तर प्रदेश में किसान जीवन को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पीएम नरेंद्र मोदी के प्रयासों के चलते किसान अब आत्मनिर्भर और खुशहाल जीवन की ओर अग्रसर हैं। प्रदेश के किसान इस ऐतिहासिक फैसले के लिए सरकार के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त कर रहे हैं और इसे ‘जय जवान-जय किसान’ का असली सार्थक उदाहरण मान रहे हैं।
डबल इंजन की सरकार अन्नदाता किसानों के साथ है, उनके हितों के संवर्धन और संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।
इसी शृंखला में आज लखनऊ में कृषक बंधुओं से संवाद किया।
पिछले 11 वर्षों में आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में भारत का अन्नदाता किसान खुशहाली की नई राह पर चल… pic.twitter.com/slozYT4TWB
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 30, 2025
इस तरह, योगी सरकार ने गन्ना किसानों को न सिर्फ आर्थिक राहत दी है, बल्कि उन्हें सम्मान और आत्मविश्वास भी प्रदान किया है। अब प्रदेश में किसान खुशहाल हैं और कृषि क्षेत्र में नई संभावनाओं की ओर बढ़ रहे हैं। यह कदम गन्ना किसानों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित हो रहा है।