‘FutureSkills PRIME’ से 15.78 लाख से अधिक उम्मीदवारों को मिला लाभ, उभरती तकनीकों में देश भर में तेजी से बढ़ रहा कौशल विकास

FutureSkills PRIME

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भारत सरकार द्वारा डिजिटल कौशल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किए गए ‘फ्यूचरस्किल्स प्राइम’ ( FutureSkills PRIME ) कार्यक्रम के सकारात्मक परिणाम अब तेजी से सामने आ रहे हैं। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने हाल ही में लोकसभा में जानकारी दी कि इस कार्यक्रम के माध्यम से 15.78 लाख से अधिक उम्मीदवारों को अब तक लाभ मिल चुका है। यह कार्यक्रम विशेष रूप से देश के छोटे शहरों और कस्बों में तकनीकी कौशल को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

सरकार आईटी क्षेत्र, विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों में विकास को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इस पहल का लक्ष्य भारत को सॉफ्टवेयर उत्पादों के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करना और घरेलू व निर्यात बाजार के लिए मजबूत डिजिटल प्रतिभा तैयार करना है। तकनीकी उद्योग में तेजी से बढ़ती मांग को देखते हुए, सरकार विभिन्न क्षमता निर्माण कार्यक्रम चला रही है, जिनमें FutureSkills PRIME प्रमुख है।

नैसकॉम के सहयोग से नई तकनीकों में प्रशिक्षण

फ्यूचरस्किल्स प्राइम कार्यक्रम को नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विस कंपनीज (नैसकॉम) के सहयोग से लागू किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और पेशेवरों को नई और उभरती तकनीकों जैसे – कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा, क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा साइंस, ब्लॉकचेन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) आदि में प्रशिक्षित करना है।

यह प्लेटफॉर्म उम्मीदवारों की योग्यता, करियर लक्ष्यों और सीखने की गति के अनुरूप लचीला और सुलभ प्रशिक्षण प्रदान करता है। सीखने की यह डिजिटल व्यवस्था कहीं भी, कभी भी कौशल अर्जित करने की सुविधा उपलब्ध कराती है।

प्लेटफॉर्म पर 500 से अधिक पाठ्यक्रम

फ्यूचरस्किल्स प्राइम के प्रशिक्षण https://futureskillsprime.in पर उपलब्ध हैं, जहां 500 से अधिक ऑनलाइन पाठ्यक्रम, 2000 से अधिक डिजिटल दक्षता मार्ग (Digital Competency Pathways) उपलब्ध हैं। ये पाठ्यक्रम शुरुआती स्तर से लेकर उन्नत स्तर तक विभिन्न श्रेणियों में संरचित हैं, ताकि हर आयु और क्षेत्र के व्यक्ति इनसे लाभ उठा सकें।

FutureSkills PRIME

छोटे शहरों से 85% प्रतिभागी

कार्यक्रम की खासियत यह है कि इसका लाभ देशभर के छोटे शहरों तक पहुंच रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 15.78 लाख से अधिक उम्मीदवार अब तक प्रशिक्षित है., 41% महिला शिक्षार्थी तकनीकी क्षेत्र में बढ़ती महिला सहभागिता का संकेत है, 85% उम्मीदवार टियर-2 और टियर-3 शहरों से डिजिटल समावेशन को मजबूत करता है। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि डिजिटल शिक्षा और कौशल विकास अब महानगरों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पूरे देश में व्यापक रूप से फैल रहा है।

आईटी और तकनीकी उद्योग में उभरती प्रौद्योगिकियों की मांग लगातार बढ़ रही है। फ्यूचरस्किल्स प्राइम न केवल नई पीढ़ी को आवश्यक डिजिटल कौशल प्रदान कर रहा है, बल्कि उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तत्पर प्रतिभा भी तैयार कर रहा है, जिससे रोजगार और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती मिलती है।

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