फिरोजाबाद में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़, दो करोड़ की लूट का मास्टरमाइंड नरेश मारा गया
फिरोजाबाद जिले के मक्खनपुर क्षेत्र में शनिवार देर रात पुलिस और कुख्यात बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें दो करोड़ की लूट का मास्टरमाइंड और 50 हजार रुपये का इनामी नरेश ढेर हो गया। बताया जा रहा है कि नरेश बीते कुछ दिनों से पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था और उस पर कई जिलों में डकैती, लूट और हथियारबंदी के मुकदमे दर्ज थे। पुलिस को उसकी लोकेशन हलपुरा अंडरपास के पास मिली, जिसके बाद एएसपी ग्रामीण अनुज चौधरी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कॉबिंग शुरू की। इसी दौरान नरेश ने पुलिस को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी मोर्चा संभाला और मुठभेड़ के दौरान नरेश को गोली लग गई। घायल अवस्था में उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
नरेश का अपराध जगत में पुराना रिकॉर्ड रहा है और पुलिस को उसकी लंबे समय से तलाश थी। कुछ दिन पहले ही उसने दो करोड़ रुपये की लूट की योजना बनाई थी, जिसमें वह मुख्य साजिशकर्ता बताया जा रहा है। दिन में पुलिस कस्टडी से हथकड़ी समेत उसके फरार होने के बाद पूरे जिले में अलर्ट जारी किया गया था। उसकी गिरफ्तारी या ढेर होने पर पचास हजार रुपये के इनाम की घोषणा की गई थी। मुठभेड़ में एएसपी ग्रामीण अनुज चौधरी की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोली लगी, जबकि थाना प्रभारी रामगढ़ भी घायल हुए। इसके बावजूद पुलिस टीम ने बहादुरी दिखाते हुए नरेश को मार गिराया। मौके से दो पिस्टल, एक रिवॉल्वर, कई जिंदा कारतूस और नकदी बरामद की गई है।
एएसपी और थाना प्रभारी की बहादुरी से पुलिस ने हासिल की बड़ी सफलता
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह मुठभेड़ पूरी तरह आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई थी। बदमाश नरेश ने पहले पुलिस पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिससे एएसपी अनुज चौधरी की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोली लगी और थाना प्रभारी रामगढ़ को भी चोटें आईं। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में स्थिति को नियंत्रित किया और अंततः नरेश को ढेर कर दिया। यह मुठभेड़ मक्खनपुर के हलपुरा अंडरपास के पास लगभग आधे घंटे तक चली।
एसपी सिटी मानुष पारिख ने बताया कि यह वही नरेश है जो दो करोड़ की लूट के मामले में मास्टरमाइंड था और लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस लगातार उसकी लोकेशन ट्रैक कर रही थी। जब सूचना मिली कि वह मक्खनपुर इलाके में छिपा हुआ है, तो पुलिस ने घेराबंदी की और नरेश ने खुद गोलीबारी शुरू की। मौके से जो हथियार बरामद हुए हैं, वे कई पुराने मामलों में उपयोग किए गए थे। पुलिस ने बताया कि नरेश के खिलाफ फिरोजाबाद, मथुरा, आगरा और एटा जिलों में लूट, डकैती और आर्म्स एक्ट के तहत करीब दर्जनभर मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई राज्य सरकार की “ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी” के तहत की गई है। बीते कुछ महीनों में जिले में कई इनामी बदमाशों के खिलाफ ऐसी ही मुठभेड़ें हुई हैं, जिससे अपराधियों में खौफ का माहौल है। एएसपी अनुज चौधरी ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल अपराधियों का सफाया नहीं, बल्कि समाज में शांति और सुरक्षा कायम रखना है। उन्होंने कहा, “नरेश जैसे अपराधी समाज के लिए खतरा थे। पुलिस हर ऐसे व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगी जो कानून के विरुद्ध जाएगा।”
मुठभेड़ के बाद क्षेत्र में शांति, अपराधियों में खौफ का माहौल
मुठभेड़ की जानकारी मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और इलाके की तलाशी ली। स्थानीय लोगों ने बताया कि देर रात अचानक फायरिंग की आवाजें सुनकर वे डर गए थे, लेकिन कुछ ही देर में पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में ले लिया। पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ पूरी तरह योजनाबद्ध तरीके से की गई थी और किसी निर्दोष को नुकसान नहीं हुआ।
पुलिस ने नरेश के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और उसके आपराधिक नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, नरेश का गैंग प्रदेश के कई जिलों में सक्रिय था और अवैध हथियारों की सप्लाई में भी शामिल था। प्रशासन ने उसके बैंक खातों और संपत्तियों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। बीते एक वर्ष में फिरोजाबाद में हुई यह पांचवीं बड़ी मुठभेड़ बताई जा रही है, जिसमें इनामी अपराधी मारा गया है।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अपराधियों में दहशत फैल गई है। स्थानीय लोगों ने पुलिस की तत्परता और बहादुरी की सराहना की है। उन्होंने कहा कि अपराध के खिलाफ ऐसी ही सख्त कार्रवाई से जिले में कानून व्यवस्था बनी रहेगी। वहीं, प्रशासन ने इस घटना के बाद इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
रिपोर्ट: लियाकत अली, फिरोजाबाद