Fatehpur जिले के किशुनपुर क्षेत्र में एक महिला की मौत उस समय हो गई जब वह खेतों में धान काटने जा रही थी और रास्ते में टूटा हुआ हाईवोल्टेज लाइन का तार उसकी चपेट में आ गया। यह दर्दनाक घटना शुक्रवार सुबह हुई, जब 40 वर्षीय रूपा देवी, जो शिवपुर गांव के निंबूलाल सोनकर की पत्नी थीं, सुबह पांच बजे अपने बंटाई वाले खेतों पर काम करने के लिए जा रही थीं।
हाईवोल्टेज तार की चपेट में आने से हुई दर्दनाक मौत
आसपास के ग्रामीणों के मुताबिक, रूपा देवी जब खेतों की ओर जा रही थीं, तो रास्ते में टूटा हुआ 11 हजार वोल्ट का तार उनके पैरों से छू गया। इस वजह से वह करंट की चपेट में आ गईं और धूं-धूंकर जलने लगीं। हादसा होते ही खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों ने तुरंत किशुनपुर बिजली उपकेंद्र में सूचना दी, जिसके बाद आपूर्ति को बंद कराया गया। लेकिन तब तक महिला की मौत हो चुकी थी।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग की लापरवाही पर किया हंगामा
ग्रामीणों का आरोप था कि टूटा हुआ तार विद्युत आपूर्ति से जुड़ा हुआ था, जिसके चलते करंट चालू था। घटना के बाद बिजली विभाग के खिलाफ लापरवाही का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की। विभागीय अधिकारियों के आश्वासन के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया और लोग शांत हो गए।
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संबंधित अधिकारियों का बयान और आगे की कार्रवाई
घटनास्थल पर विजयीपुर चौकी इंचार्ज पंकज सिंह, एसओ किशुनपुर सत्यदेव गौतम और बिजली विभाग के अधिकारी पहुंचे। एसओ ने बताया कि अगर मृतक के परिवार से तहरीर मिलती है, तो मामले में मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि बिजली उपकेंद्र में ऑटोमेटिक मशीनें लगी होने का दावा किया जाता है, लेकिन फिर भी टूटे हुए तार में करंट चालू रहता है।
पीड़ित परिवार का दर्द
इस हादसे से मृतका के पति निंबूलाल सोनकर और उनके बच्चों अंशुमान, अनूप, सुहानी देवी, अमन सोनकर और अनुज का रो-रोकर बुरा हाल था। उनकी भावनाओं को देखते हुए ग्रामीणों ने मांग की कि पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा मिलना चाहिए।







