उत्तर प्रदेश में बदलते औद्योगिक माहौल और व्यापारी सुरक्षा की गारंटी ने निवेशकों का भरोसा और मजबूत किया है। इसी कड़ी में बरेली की प्रमुख कंपनी बी एल एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड फूड ट्रेड फेयर के दौरान 1,660 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश करने का एमओयू साइन किया है। कंपनी का दावा है कि इस निवेश से न केवल प्रदेश की जीडीपी में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी बल्कि करीब साढ़े तीन हजार लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
बी एल एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन डॉ. घनश्याम खंडेलवाल ने बताया कि उत्तर प्रदेश में बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियों ने व्यवसायियों को निवेश के लिए प्रोत्साहित किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां और प्रशासनिक सहयोग के कारण व्यापार जगत का विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।
कंपनी के प्रबंध निदेशक आशीष खंडेलवाल ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि बी एल एग्रो फिलहाल खाद्य तेल और एफएमसीजी उत्पादों के क्षेत्र में कार्यरत है। नए एमओयू के तहत कंपनी उच्च कोटि की राइस मिल, 40 हजार मीट्रिक टन क्षमता वाला ग्रेन स्टोरेज और 500 टन प्रतिदिन उत्पादन क्षमता वाली रिफाइंड ऑयल यूनिट स्थापित करने जा रही है। उन्होंने कहा कि इन सभी प्रोजेक्ट्स को अगले पांच वर्षों में शुरू करने की योजना है, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे और प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी।
उद्योग जगत से जुड़े विशेषज्ञ मानते हैं कि उत्तर प्रदेश में हाल के वर्षों में निवेश का माहौल काफी हद तक बदला है। नई औद्योगिक नीतियों, कर प्रणाली में सुधार और कानून-व्यवस्था की मजबूती ने कंपनियों को राज्य की ओर आकर्षित किया है। बी एल एग्रो का यह निवेश इस बदलाव की एक बड़ी मिसाल है।
बी एल एग्रो की यह पहल प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और कृषि आधारित व्यवसाय को भी नई ऊंचाई देगी। चूंकि कंपनी का मूल फोकस खाद्य तेल और उपभोक्ता उत्पादों पर है, इसलिए इससे किसानों और स्थानीय बाजारों को भी प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से लाभ मिलने की संभावना है।
बरेली जैसे शहर में इतने बड़े स्तर पर निवेश होने से न केवल रोजगार के अवसर पैदा होंगे, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह निवेश स्थानीय प्रतिभाओं को काम करने का अवसर देगा और पलायन की समस्या को भी कम करेगा।
कंपनी का दावा है कि इस निवेश से उत्तर प्रदेश को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग का हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। वहीं, प्रदेश सरकार के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इससे यह संदेश गया है कि उत्तर प्रदेश अब निवेश के लिए सुरक्षित और