चुनाव आयोग ने यूपी, एम.पी., राजस्थान सहित देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया की समय सीमा एक हफ्ते बढ़ा दी है। यह महत्वपूर्ण कदम उन क्षेत्रों में चुनावों की तैयारी के मद्देनज़र लिया गया है, जहां मतदाता सूची में सुधार करने की प्रक्रिया चल रही है। अब मतदाता सूची में नाम जोड़ने और सुधार करने का काम 11 दिसंबर 2025 तक जारी रहेगा, जबकि पहले यह समय सीमा 4 दिसंबर तक निर्धारित की गई थी। इस फैसले से मतदाताओं को अपनी जानकारी अपडेट करने का अतिरिक्त समय मिलेगा, जिससे आगामी चुनावों के लिए अधिक सटीक और समावेशी वोटर लिस्ट तैयार हो सकेगी।
SIR प्रक्रिया में बदलाव की वजह
चुनाव आयोग ने शनिवार को बदलाव की घोषणा करते हुए बताया कि 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर प्रक्रिया की समय सीमा को बढ़ा दिया गया है। इसका असर उन राज्यों में होगा जहां आगामी विधानसभा चुनाव होने हैं, जैसे कि राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, गुजरात, केरल, गोवा, पश्चिम बंगाल और अन्य केंद्र शासित प्रदेशों में। इस निर्णय से मतदाताओं को अपनी जानकारी को अंतिम सूची में सही करने के लिए एक अतिरिक्त सप्ताह का समय मिलेगा।
चुनाव आयोग का यह फैसला विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे मतदाता सूची की सटीकता बढ़ेगी और नाम जोड़ने या हटाने का काम और अधिक पारदर्शी होगा। यह प्रक्रिया चुनावी भ्रष्टाचार को रोकने में भी मददगार साबित हो सकती है, क्योंकि चुनाव से पहले हर वोटर की पहचान को सही ढंग से अपडेट किया जाएगा।
नए समय सीमा के अनुसार SIR में बदलाव
चुनाव आयोग ने जिन बदलावों की घोषणा की है, वे इस प्रकार हैं :-
एसआईआर की अंतिम तारीख – एसआईआर प्रक्रिया अब 11 दिसंबर 2025 तक पूरी की जाएगी, जो पहले 4 दिसंबर तक निर्धारित थी।
मतदान केंद्रों की री-अरेंजमेंट – मतदान केंद्रों की री-अरेंजमेंट भी 11 दिसंबर 2025 तक पूरी की जाएगी।
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन – पहले ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 9 दिसंबर को प्रकाशित होने वाली थी, अब इसे 16 दिसंबर 2025 को प्रकाशित किया जाएगा।
दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि – दावे और आपत्तियां 16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक दाखिल की जा सकती हैं।
नोटिस फेज – नोटिस जारी करने, सुनवाई और सत्यापन की प्रक्रिया 16 दिसंबर 2025 से 7 फरवरी 2026 तक चलेगी।
अंतिम वोटर सूची का प्रकाशन – अब फाइनल वोटर सूची 14 फरवरी 2026 को जारी की जाएगी, जो पहले 7 फरवरी 2026 को प्रकाशित होनी थी।
यह फैसला विशेष रूप से उन 12 राज्यों के लिए महत्वपूर्ण है जहां आगामी चुनाव हो सकते हैं। इनमें राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, गुजरात, केरल, गोवा, लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। इन क्षेत्रों में चुनावी प्रक्रिया से पहले मतदाता सूची के पुनरीक्षण और अपडेट की आवश्यकता थी, जो अब एक अतिरिक्त सप्ताह के लिए जारी रहेगा। इससे इन राज्यों में मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटियों को सुधारने का पर्याप्त समय मिल जाएगा।
मतदाता सूची में सुधार की प्रक्रिया का महत्व
एसआईआर प्रक्रिया के अंतर्गत मतदाता सूची में सभी नामों की सही जानकारी सुनिश्चित की जाती है। इसमें नाम जोड़ना, हटाना और गलत जानकारी को सही करना शामिल होता है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी योग्य मतदाता वोटिंग में शामिल हो सकें और वोटर लिस्ट को सटीक और समावेशी बनाया जा सके। इससे पहले बिहार में एसआईआर प्रक्रिया के पूरा होने के बाद विधानसभा चुनाव हुए थे, अब देश के बाकी हिस्सों में भी इसे लागू किया गया है। यह प्रक्रिया मतदाता पहचान और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने में सहायक साबित हो रही है।
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