EC Press Conference Live: आज के चुनावी माहौल में Election Commission of India (ECI) ने एक अहम कदम उठाते हुए 12 राज्यों में Special Intensive Revision (SIR) के दूसरे चरण की औपचारिक घोषणा की है। यह चरण आज आधी रात से लागू होगा, जिसके तहत इन राज्यों में मतदाता सूची को फ्रीज कर दिया जाएगा। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूचियों को अधिक विश्वसनीय, अद्यतन एवं त्रुटि-मुक्त बनाना है। चुनाव आयुक्त ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सूची में नाम जोड़ने, हटाने और सुधारने की प्रक्रिया इस फ्रीज के बाद बेहद नियंत्रित तरीके से होगी।
हाल ही में Bihar में SIR का पहला चरण पूरा हुआ है, जहाँ करीब 65 लाख नामों को हटाया गया और लगभग 21 लाख नए मतदाताओं को सूची में शामिल किया गया।
इस अनुभव से प्राप्त सीख के आधार पर आयोग अब अन्य राज्यों में यह प्रक्रिया विस्तारित कर रहा है। पहले चरण की सफलता और चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, ECI ने इन्हें समीक्षा के बाद सुधारने का प्रयास किया है। नई शुरुआत में कहा गया है कि इस बार प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और लोकतांत्रिक होगी।
पृष्ठभूमि के तौर पर, मतदाता सूची में समय-समय पर त्रुटियाँ आती रही हैं — मृतक, प्रवासी, दोहरी नामांकन आदि की वजह से सूची विश्वसनीय नहीं बन पाती थी। इसी को दूर करने के लिए SIR जैसा गहन पुनरीक्षण मॉडल तैयार किया गया है। ECI ने मंगलवार को कहा कि नया चरण 10-15 राज्यों में होगा, उन राज्यों को पहली प्राथमिकता दी गई है जहाँ आगामी चुनाव तय हैं।
इस कारण से, मतदाता एवं राजनीतिक दल दोनों को तैयार रहने और समय-समय पर जानकारी जुटाने की सलाह दी जा रही है।
इस बीच, SIR को लेकर विपक्षी दलों में चिंता भी है। उदाहरण के लिए केरल विधानसभा ने इस प्रक्रिया की जल्दबाजी को लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया है और एक प्रस्ताव पारित किया है जिसमें प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रहने का आरोप लगाया गया है।
विपक्ष का दावा है कि यदि नामांकन हटाने-जोड़ने में निष्पक्षता न हुई तो यह मताधिकार की सत्ता पर सवाल खड़ा कर सकती है।इसी तरह, जनता के बीच भी जागरूकता की जरूरत है। मतदाता अपने नाम की स्थिति, मतदान बूथ और नए नामांकन की जानकारी ECI के पोर्टल पर जाकर देख सकते हैं।
यदि अपना नाम नहीं मिलता है तो समय रहते फिर से आवेदन करें—SIR पूरा होने के बाद नामों में बदलाव बहुत सीमित हो जाएंगे।