राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 03 और 04 दिसंबर को केरल के तिरुवनंतपुरम के प्रवास पर रहेंगी। इस दौरान वे 03 दिसंबर को आयोजित नौसेना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि राष्ट्रपति मुर्मु सेना के तीनों अंगों की सर्वोच्च कमांडर के रूप में इस भव्य आयोजन में भाग लेंगी।
नौसेना दिवस हर वर्ष 04 दिसंबर को मनाया जाता है और इस वर्ष यह समारोह तिरुवनंतपुरम में शंगुमुखम बीच पर भव्य रूप से आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारतीय नौसेना की सामरिक क्षमता, आधुनिक युद्धक तकनीक और विभिन्न ऑपरेशनल कौशल को प्रदर्शित करना है। राष्ट्रपति की गरिमामयी उपस्थिति इस समारोह का मुख्य आकर्षण होगी।
राष्ट्रपति #DroupadiMurmu आज और कल केरल के तिरुवनंतपुरम के आधिकारिक दौरे पर रहेंगी
राष्ट्रपति आज नौसेना दिवस-2025 समारोह में शामिल होंगी और तिरुवनंतपुरम में भारतीय नौसेना के ऑपरेशनल डेमोंस्ट्रेशन को देखेंगी@rashtrapatibhvn @MIB_India @PIB_India @indiannavy#Kerala… pic.twitter.com/wsa2IaEbN6
— DD News UP (@DDNewsUP) December 3, 2025
समारोह की पूर्व संध्या पर नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने ‘भारतीय समुद्री सिद्धांत’ जारी किया। यह दस्तावेज भारतीय नौसेना की मार्गदर्शक नीति है, जिसका उद्देश्य भारत की क्षेत्रीय भूमिका और समुद्री प्रभाव को बढ़ाना है। भारतीय समुद्री सिद्धांत के इस संस्करण में ‘नो-वॉर नो-पीस’ को शांति और संघर्ष के बीच एक अलग वर्ग के रूप में औपचारिक रूप दिया गया है और इसे संघर्ष के स्पेक्ट्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु इस समारोह में नौसेना की आधुनिक क्षमताओं का प्रत्यक्ष अवलोकन करेंगी। इसमें नौसेना के विभिन्न ऑपरेशनल कौशल, युद्धक तकनीक और समुद्री सामरिक प्रदर्शन शामिल होंगे। यह आयोजन भारतीय नौसेना की शक्ति और दक्षता को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
नौसेना दिवस समारोह में शंगुमुखम बीच पर आयोजित कार्यक्रम में समुद्री प्रदर्शन, बचाव अभियानों और अन्य सामरिक गतिविधियों का प्रदर्शन किया जाएगा। यह कार्यक्रम न केवल नौसेना की ताकत को दिखाता है, बल्कि युवाओं में सेना के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना को भी प्रोत्साहित करता है।
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