रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने भारत की रक्षा क्षमताओं को और मजबूत करते हुए मानव पोर्टेबल टैंक रोधी निर्देशित मिसाइल (MPATGM) का सफल परीक्षण किया है। यह परीक्षण हैदराबाद में एक गतिशील लक्ष्य पर किया गया, जिसमें मिसाइल की उच्च स्तरीय आक्रमण क्षमता पूरी तरह से सफल रही। MPATGM एक अत्याधुनिक थर्ड जेनरेशन एंटी-टैंक मिसाइल है, जिसे विशेष रूप से आधुनिक युद्धक्षेत्र की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है।
🇮🇳 Major boost to #Aatmanirbharta in Defence !@DRDO_India successfully flight-tested the 3rd Gen Fire & Forget #MPATGM with top-attack capability against a moving target at KK Ranges, Maharashtra (11 Jan 2026). Equipped with indigenous IIR seeker, tandem warhead, and day–night… pic.twitter.com/exzKeP5qlg
— Ministry of Defence, Government of India (@SpokespersonMoD) January 12, 2026
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस स्वदेशी मिसाइल में इमेजिंग इन्फ्रारेड (IIR) होमिंग सीकर, ऑल-इलेक्ट्रिक कंट्रोल एक्चुएशन सिस्टम, आधुनिक फायर कंट्रोल सिस्टम, टैंडम वारहेड और उन्नत प्रणोदन प्रणाली जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का समावेश है। ये विशेषताएं इसे दुश्मन के आधुनिक और सुरक्षित टैंकों को नष्ट करने में अत्यंत सक्षम बनाती हैं।
.@DRDO_India successfully flight-tests Man Portable Anti-Tank Guided Missile (MPATGM) with top attack capability against a moving target
The indigenously developed MPATGM consists of state-of-the-art indigenous technologies like Imaging Infrared (IIR) Homing Seeker, all… pic.twitter.com/JcvBSbTj29
— PIB India (@PIB_India) January 12, 2026
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफल परीक्षण के लिए DRDO, उसके सहयोगी संस्थानों और भारतीय उद्योग जगत की सराहना की। उन्होंने इसे आत्मनिर्भर भारत अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। यह सफलता न केवल भारतीय सेना की परिचालन क्षमता को बढ़ाएगी, बल्कि रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक के विकास को भी नई गति प्रदान करेगी।







