निर्वाचन आयोग आज केरल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और केंद्र शासित प्रदेश अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के लिए ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित करने जा रहा है। यह प्रक्रिया मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन – SIR) के पूरा होने के बाद की जा रही है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूचियों को अधिक सटीक, पारदर्शी और अद्यतन बनाना है। आयोग का यह कदम आगामी चुनावों से पहले लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के साथ ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) और जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ इसकी हार्ड कॉपी साझा करेंगे। इसके अलावा, यह मसौदा सूची संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के CEO और DEO की आधिकारिक वेबसाइटों पर भी अपलोड की जाएगी, ताकि आम नागरिक आसानी से इसे देख सकें। डिजिटल माध्यम से सूची की उपलब्धता नागरिकों को अपने नाम और विवरण की जांच करने का सरल अवसर प्रदान करेगी।
निर्वाचन आयोग ने पारदर्शिता को और अधिक मजबूत करने के लिए एक अतिरिक्त कदम उठाया है। आयोग अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट मतदाताओं की अलग-अलग सूचियां भी वेबसाइट पर सार्वजनिक करेगा। इससे न केवल राजनीतिक दलों को बल्कि आम मतदाताओं को भी यह समझने में मदद मिलेगी कि किन कारणों से नाम हटाए गए या संशोधित किए गए हैं। इस पहल से मतदाता सूची में अनियमितताओं की आशंका कम होगी और भरोसेमंद डेटा तैयार किया जा सकेगा।
निर्वाचन आयोग ने नागरिकों से अपील की है कि वे ड्राफ्ट मतदाता सूची की सावधानीपूर्वक जांच करें और यदि किसी प्रकार की त्रुटि पाई जाती है, जैसे नाम का गलत होना, पता या आयु में गलती, या योग्य होने के बावजूद नाम का शामिल न होना, तो समय रहते दावा या आपत्ति दर्ज कराएं। इसी तरह यदि किसी मृत, स्थानांतरित या अयोग्य व्यक्ति का नाम सूची में दर्ज है, तो उसकी जानकारी भी आयोग को दी जा सकती है। यह प्रक्रिया अंतिम मतदाता सूची को अधिक सटीक और विश्वसनीय बनाने में सहायक होगी।
निर्वाचन आयोग देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण कर रहा है। इसी क्रम में 23 दिसंबर को केरल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और अंडमान एवं निकोबार की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की जा रही है। इससे पहले आयोग दो बार पुनरीक्षण की समयसीमा बढ़ा चुका है। 30 नवंबर को आयोग ने 12 राज्यों में चल रहे गहन पुनरीक्षण की डेडलाइन बढ़ाकर 11 दिसंबर कर दी थी, और बाद में इसे एक बार फिर आगे बढ़ाया गया।
समयसीमा बढ़ाने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि अधिक से अधिक नागरिक इस प्रक्रिया में भाग ले सकें और कोई भी योग्य मतदाता सूची से वंचित न रहे। निर्वाचन आयोग का मानना है कि एक सटीक और अद्यतन मतदाता सूची ही निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव की आधारशिला होती है। ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद प्राप्त आपत्तियों और दावों के निपटारे के पश्चात अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी, जिसका उपयोग आगामी चुनावों में किया जाएगा।
केरल में आज #SIR के बाद मतदाता सूची का मसौदा प्रकाशित किया जाएगा। इस सूची में 18 दिसंबर तक प्राप्त गणना प्रपत्रों के अनुसार ही मतदाता शामिल होंगे।
आज से ही मसौदा सूची पर दावे और आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी और इन पर नोटिस तथा सुनवाई की प्रक्रिया भी आज से ही शुरू होगी।
— आकाशवाणी समाचार (@AIRNewsHindi) December 23, 2025
इस पूरी प्रक्रिया में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि मतदाता स्वयं अपने अधिकार और जिम्मेदारी को समझते हुए सूची की जांच करते हैं, तो लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा। निर्वाचन आयोग की यह पहल पारदर्शिता, सहभागिता और भरोसे को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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