दूध पीते ही पेट में दर्द क्यों होता है? जानें लैक्टोज इनटॉलरेंस की पूरी जानकारी

दूध पीते ही कुछ लोगों के पेट में दर्द क्यों होने लगता है?

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लैक्टोज इनटॉलरेंस क्या है?

दूध और उससे बने उत्पादों का सेवन करने के बाद कई लोग पेट में दर्द, गैस, दस्त या कब्ज जैसी परेशानियों का सामना करते हैं। इसका प्रमुख कारण है ‘लैक्टोज इनटॉलरेंस’ या लैक्टोज असहिष्णुता। लैक्टोज एक प्रकार की शुगर है जो गाय, भैंस, बकरी और भेड़ के दूध में प्राकृतिक रूप से पाई जाती है।

हमारी छोटी आंत में एक एंजाइम ‘लैक्टेज़’ होता है, जो लैक्टोज को तोड़कर पचाने में मदद करता है। लेकिन जब शरीर पर्याप्त मात्रा में इस एंजाइम का उत्पादन नहीं करता, तो लैक्टोज पच नहीं पाती और पाचन तंत्र में गैस, दर्द या दस्त जैसी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं।

वैज्ञानिकों के अनुसार, लैक्टोज इनटॉलरेंस एशियाई, अफ़्रीकी, मैक्सिकन और मूल अमेरिकी समुदाय में अधिक आम है। यह एक सामान्य पाचन समस्या है, लेकिन इसके लक्षण कभी-कभी रोज़मर्रा के जीवन को प्रभावित कर सकते हैं।

लैक्टोज इनटॉलरेंस के प्रमुख लक्षण

लैक्टोज असहिष्णुता के लक्षण आमतौर पर डेयरी उत्पाद खाने के कुछ ही मिनटों या घंटों में दिखाई देने लगते हैं। इनमें शामिल हैं:

  • पेट में गैस और सूजन

  • बार-बार डकार आना

  • पेट में दर्द या बेचैनी

  • दस्त या कब्ज

  • सिरदर्द, थकान और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई

विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर किसी व्यक्ति को लंबे समय तक दस्त, कब्ज, मल में रक्त, तेज़ वजन कमी या अत्यधिक पेट में सूजन जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से परामर्श करना चाहिए।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि फूड एलर्जी लैक्टोज इनटॉलरेंस से अलग होती है और कभी-कभी जानलेवा भी हो सकती है। फूड एलर्जी के लक्षण अचानक और गंभीर रूप से प्रकट हो सकते हैं, जैसे होंठ या जीभ का सूजना, सांस लेने में कठिनाई या त्वचा पर गंभीर प्रतिक्रिया।

लैक्टोज किस प्रकार के खाद्य पदार्थों में पाया जाता है?

लैक्टोज पशु दूध में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है। इसमें गाय, भैंस, बकरी और भेड़ का दूध शामिल है। इसके अलावा डेयरी उत्पादों जैसे पनीर, मक्खन, दही, क्रीम और आइसक्रीम में भी लैक्टोज मौजूद होता है।

इसके अलावा कई प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट में भी लैक्टोज पाया जा सकता है:

  • गेहूं, जई, चावल, जौ और मक्का से बने खाद्य पदार्थ

  • ब्रेड, बिस्कुट, केक, क्रैकर्स और पेस्ट्री

  • सॉस, सलाद ड्रेसिंग, मिल्क शेक और प्रोटीन शेक

इसलिए केवल दूध ही नहीं, बल्कि डेयरी से जुड़े उत्पादों का सेवन करने पर भी लैक्टोज इनटॉलरेंस के लक्षण दिख सकते हैं।

लैक्टोज इनटॉलरेंस का पता कैसे लगाया जाए?

लैक्टोज इनटॉलरेंस का पता लगाने का सबसे सरल तरीका है कि आप किन खाद्य पदार्थों के सेवन के बाद पेट में दर्द, दस्त या कब्ज जैसी समस्या महसूस करते हैं। इन खाद्य पदार्थों से परहेज करने पर समस्या अक्सर स्वतः दूर हो जाती है।

इसके अलावा कुछ मेडिकल परीक्षण भी उपलब्ध हैं:

1. लैक्टोज इनटॉलरेंस टेस्ट

यह टेस्ट बताता है कि आपका पाचन तंत्र लैक्टोज को कितनी अच्छी तरह पचा पाता है। टेस्ट से पहले लगभग चार घंटे उपवास रखना पड़ता है। इसके बाद लैक्टोज युक्त पीने की चीज दी जाती है और अगले दो घंटों में ब्लड सैंपल लिए जाते हैं।

2. हाइड्रोजन सांस परीक्षण

इसमें आपको लैक्टोज की उच्च मात्रा वाला तरल पदार्थ पीने के लिए दिया जाता है। फिर आपकी सांसों में हाइड्रोजन के स्तर को कई बार मापा जाता है। उच्च स्तर यह दर्शाता है कि आप लैक्टोज इनटॉलरेंट हैं।

3. मल एसिड टेस्ट

यह टेस्ट मुख्य रूप से छोटे बच्चों के लिए किया जाता है। इसमें मल में उपस्थित एसिड की मात्रा की जांच की जाती है। यदि लैक्टोज पच नहीं पा रहा है, तो मल में लैक्टिक एसिड, ग्लूकोज़ और अन्य फैटी एसिड मौजूद होते हैं।

4. बायोप्सी (Gastrointestinal Biopsy)

यदि लक्षण गंभीर हों या लंबे समय तक ठीक न हों, तो गैस्ट्रोस्कोपी की जा सकती है। इसमें छोटी आंत से कोशिकाओं का नमूना लेकर जांच की जाती है।

लैक्टोज इनटॉलरेंस और फूड एलर्जी में अंतर

लैक्टोज इनटॉलरेंस और फूड एलर्जी एक जैसी नहीं हैं।

लैक्टोज इनटॉलरेंस:

  • जानलेवा नहीं होता

  • केवल पाचन संबंधी लक्षण उत्पन्न करता है

  • प्रायः डेयरी उत्पादों के सेवन के समय या बाद में पेट में असुविधा होती है

फूड एलर्जी:

  • कभी-कभी जानलेवा हो सकती है

  • शरीर में तत्काल प्रतिक्रिया, जैसे होंठ, जीभ या गले का सूजना, सांस लेने में कठिनाई, त्वचा पर गंभीर बदलाव

  • तुरंत चिकित्सा की आवश्यकता होती है

विशेषज्ञ हमेशा सलाह देते हैं कि यदि फूड एलर्जी के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत अस्पताल पहुंचें।

लैक्टोज इनटॉलरेंस का उपाय

लैक्टोज इनटॉलरेंस के मामलों में सबसे प्रभावी उपाय है लैक्टोज वाले खाद्य पदार्थों से बचाव करना। बाजार में कई लैक्टोज-फ्री दूध और डेयरी उत्पाद उपलब्ध हैं। इसके अलावा, प्रोबायोटिक सप्लीमेंट्स और दही जैसे फ़र्मेंटेड प्रोडक्ट कुछ लोगों में राहत प्रदान कर सकते हैं।

लैक्टोज इनटॉलरेंस वाले व्यक्तियों के लिए कुछ सुझाव:

  • डेयरी उत्पादों की मात्रा कम करें या लैक्टोज-फ्री विकल्प चुनें

  • दूध पीते समय इसे अन्य खाद्य पदार्थों के साथ लें, ताकि पाचन धीमा हो और लक्षण कम हों

  • प्रोबायोटिक युक्त दही या योगर्ट लें, यह पाचन में मदद करता है

  • आवश्यक हो तो लैक्टेज़ एंजाइम सप्लीमेंट्स का उपयोग करें

कब डॉक्टर से संपर्क करें

अगर लक्षण गंभीर हों या लगातार बने रहें, तो विशेषज्ञ की सलाह जरूरी है। विशेषकर निम्न लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:

  • बार-बार दस्त या कब्ज

  • पेट में अत्यधिक सूजन

  • मल में रक्त या तेज़ वजन कमी

  • सांस लेने में कठिनाई या त्वचा पर गंभीर बदलाव

गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट विभिन्न परीक्षणों के माध्यम से समस्या की पुष्टि कर सकते हैं और सही उपचार सुझा सकते हैं।

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