Delhi-NCR में हवा की गुणवत्ता में कुछ सुधार देखा गया है, लेकिन वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) अभी भी 'बहुत खराब' श्रेणी में बना हुआ है। विभिन्न क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर भिन्न-भिन्न है, और विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है।

Delhi-NCR में सर्दी के मौसम के साथ प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा है, हालांकि मंगलवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) अधिकांश इलाकों में ‘मॉडरेट’ श्रेणी (100-200) के भीतर रहा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का औसत AQI 172 के आसपास था, जो ‘सेंसिटिव ग्रुप्स के लिए अनहेल्दी’ श्रेणी में आता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, हवा की धीमी गति और पड़ोसी राज्यों से आ रही धुंध के कारण प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है, लेकिन यह अभी ‘पुअर’ या ‘सीवियर’ स्तर तक नहीं पहुंचा है।

चांदनी चौक में AQI 170 के साथ सबसे ऊंचा दर्ज किया गया, जो सांस संबंधी समस्याओं वाले लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। इसी तरह, शादीपुर में AQI 169 और दिलशाद गार्डन में भी AQI 169 रहा, जबकि अन्य इलाकों जैसे जहांगीरपुरी, बवाना, द्वारका और पूसा में AQI 150-165 के बीच रहा, जो ‘मॉडरेट’ श्रेणी में आता है।
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि उत्तर और मध्य दिल्ली के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में प्रदूषण का प्रभाव अधिक है।
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