दिल्ली और NCR में जानलेवा स्मॉग का कहर
सर्दी की दस्तक के साथ दिल्ली और NCR एक बार फिर एक ऐसी समस्या से जूझ रही है, जो हर साल लोगों के स्वास्थ्य और जनजीवन दोनों को प्रभावित करती है , वह है – स्मॉग की मोटी परत और जानलेवा प्रदूषण। राजधानी में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के करीब पहुंच चुका है, जो इसे ‘बहुत खराब’ और कई इलाकों में ‘गंभीर’ श्रेणी में ला देता है। हवा में मौजूद जहरीले कण न सिर्फ सांस लेने में दिक्कत पैदा कर रहे हैं, बल्कि लंबे समय तक के स्वास्थ्य जोखिम भी बढ़ा रहे हैं।
दिल्ली में सांस लेना हुआ मुश्किल
बीते शुक्रवार दिल्ली स्मॉग और धुंध की चादर में ढकी रही। गाड़ियों की रफ्तार धीमी पड़ी, दृश्यता कम हो गई और सड़कों पर मास्क पहने लोग आम नज़र आए। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, ITO, आनंद विहार, गाजीपुर और धौला कुआं जैसे प्रमुख इलाकों में AQI खतरनाक स्तर तक पहुंच गया। ITO जैसे बेहद व्यस्त इलाके में लोगों को सुबह से सांस लेने में भारी दिक्कत महसूस हुई। सांस से जुड़ी बीमारियों वाले मरीजों की संख्या अस्पतालों में बढ़ने लगी है। डॉक्टरों के अनुसार, यह स्थिति बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों के लिए बेहद जोखिम भरी है।
शुक्रवार को औसत AQI 369 दर्ज किया गया। यह गुरुवार से 8 अंकों की गिरावट दिखाता है, यानी हवा और ज्यादा जहरीली हुई है। मौसम विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि हवा की धीमी रफ्तार और ठंड बढ़ने के कारण प्रदूषक कण ऊपर उठ नहीं पा रहे हैं, जिससे हवा लगातार भारी और जहरीली बनी हुई है दिल्ली में हवा की दिशा उत्तर-पश्चिम रही और स्पीड 5 किमी प्रति घंटा दर्ज की गई। वेंटिलेशन इंडेक्स और मिक्सिंग हाइट दोनों ही अपेक्षाकृत कम रहे, जो हवा की गुणवत्ता खराब होने का बड़ा कारण है।
NCR के शहर भी नहीं बचे
सिर्फ दिल्ली ही नहीं, पूरा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) प्रदूषण की मार झेल रहा है। नोएडा में AQI 388 दर्ज किया गया, जो उसे NCR के सबसे प्रदूषित शहरों में रखता है। ग्रेटर नोएडा में AQI 378 रहा, गाजियाबाद में AQI 347 रहा, गुरुग्राम में AQI 320 रिकॉर्ड हुआ। ये सभी ‘बहुत खराब’ श्रेणी में हैं। हालांकि फरीदाबाद की हवा कुछ बेहतर रही, जहां AQI 190 दर्ज किया गया—जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। NCR में ये इस समय सबसे राहत देने वाला आंकड़ा है।
आने वाले दिनों का पूर्वानुमान
CPCB के पूर्वानुमान के अनुसार, सोमवार तक दिल्ली और NCR में हवा ‘बेहद खराब’ श्रेणी में ही रह सकती है। हवा में ठंडापन बढ़ने और हवा की रफ्तार कम रहने के कारण प्रदूषण का स्तर नीचे ही बना रहेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, अगले कुछ दिनों में आंखों में जलन, सिरदर्द और गले में खराश जैसी शिकायतें बढ़ सकती हैं।