राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने Delhi में हुए हालिया ब्लास्ट मामले में तीन डॉक्टरों का मेडिकल लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। यह कदम जम्मू-कश्मीर मेडिकल काउंसिल की सिफारिश और जांच एजेंसियों द्वारा एकत्र किए गए ठोस प्रमाणों के आधार पर उठाया गया।
आदेश के अनुसार, डॉक्टर मुजफ्फर अहमद, डॉक्टर अदील अहमद राठर और डॉक्टर मुजमिल शकील, जो जम्मू-कश्मीर मेडिकल काउंसिल में पंजीकृत थे, इस गंभीर मामले में शामिल पाए गए। एनएमसी ने कहा कि उनकी कार्रवाई चिकित्सकीय पेशे की नैतिकता, ईमानदारी और जनता के भरोसे के खिलाफ है। भारतीय चिकित्सा परिषद विनियम 2002 के तहत इस तरह का कृत्य गंभीर उल्लंघन माना जाता है।
जम्मू-कश्मीर मेडिकल काउंसिल ने भी आदेश जारी करते हुए तीनों डॉक्टरों का पंजीकरण रद्द कर दिया है। अब ये डॉक्टर किसी भी चिकित्सा संस्थान में काम नहीं कर सकेंगे और न ही मेडिकल पेशे से जुड़े किसी भी दायित्व का निर्वहन कर पाएंगे।
यह कार्रवाई उस धमाके के बाद की गई है, जो 10 नवंबर को लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास खड़ी कार में हुआ था। इस धमाके में 10 लोग मारे गए और दर्जनों घायल हुए। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने इस मामले की जांच के लिए 10 अधिकारियों की विशेष टीम बनाई है, जिसमें आईजी, डीआईजी, एसपी और डीएसपी स्तर के अधिकारी शामिल हैं।
जांच एजेंसियां सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी नजर रख रही हैं और दिल्ली सहित कई स्थानों से मोबाइल फोन डंप डेटा एकत्र कर रही हैं। सुरक्षा के मद्देनज़र दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और मुंबई में हाई अलर्ट जारी किया गया है और भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों और धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।







