राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने दिल्ली ब्लास्ट मामले की जांच में एक बड़ी आतंकी साजिश का खुलासा करते हुए बिहार और हरियाणा में 22 स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश से बिहार के विभिन्न हिस्सों में अवैध हथियारों की तस्करी से जुड़ी है। इस ऑपरेशन में एनआईए की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर आतंकवादियों के नेटवर्क का पता लगाने के लिए तलाशी अभियान चलाया।
एनआईए के अधिकारियों के अनुसार, यह छापेमारी उत्तर प्रदेश से बिहार के विभिन्न हिस्सों में अवैध हथियारों की तस्करी से संबंधित एक बड़े मामले का हिस्सा है। जांच में यह सामने आया है कि यह गिरोह उत्तर भारत के कई राज्यों में सक्रिय था और लंबे समय से पुलिस तथा केंद्रीय एजेंसियों की निगरानी में था।
इस जांच के दौरान सामने आए नए सुराग के आधार पर अब एनआईए आतंकवादी मॉड्यूल की जांच कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि इन तस्करों के माध्यम से उत्तर प्रदेश से बिहार तक हथियारों की सप्लाई हो रही थी, जो सुरक्षा व्यवस्था के लिए खतरे की घंटी है।
एनआईए ने इस मामले को एक संभावित आतंकी मॉड्यूल से जोड़ते हुए जांच तेज कर दी है। यह कार्रवाई सुरक्षा एजेंसियों की ओर से देश में आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिए किए गए बड़े प्रयासों का हिस्सा है। अधिकारियों ने बताया कि इस गिरोह का नेटवर्क बिहार, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में फैल चुका था, जिससे यह आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा दे सकता था।
एनआईए ने इस अभियान के तहत कुल 22 स्थानों पर छापेमारी की, जिनमें हरियाणा और बिहार के अलग-अलग हिस्सों के ठिकाने शामिल हैं। इन ठिकानों से हथियारों की तस्करी के कच्चे माल और अन्य सुराग मिले हैं।
NIA का बड़ा ऑपरेशन और सुरक्षा व्यवस्था
इस छापेमारी के बाद एनआईए ने अपनी टीम को और भी सक्रिय किया है, ताकि इस नेटवर्क के अन्य सदस्य और संभावित आतंकवादी गतिविधियों का पता लगाया जा सके। एनआईए का यह एक्शन यह साबित करता है कि देश की सुरक्षा एजेंसियां आतंकवादियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई में कोई कसर नहीं छोड़ने वाली हैं। यह ऑपरेशन एनआईए द्वारा आतंकवाद से निपटने के लिए किए गए प्रयासों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो देश में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है।
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