देहरादून ब्यूरो:
राजधानी देहरादून में ट्रैफिक की समस्या के बाद अब पार्किंग शहर की सबसे गंभीर चुनौती बन चुकी है। लगातार बढ़ते वाहनों और सीमित पार्किंग व्यवस्था के कारण शहर की सड़कों पर रोजाना जाम की स्थिति बन रही है। शासन, प्रशासन, पुलिस और नगर निगम स्तर पर कई बार मंथन हुआ, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान सामने नहीं आ सका है।
शहर में वाहनों की संख्या 14 लाख के पार पहुंच चुकी है, जबकि उसके मुकाबले पार्किंग सुविधाएं बेहद सीमित हैं। नतीजतन सुबह, दोपहर और शाम – तीनों समय शहर के प्रमुख इलाकों में जाम लगना आम हो गया है। सड़कों के किनारे बेतरतीब खड़े वाहनों को हटाने में पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
नगर निगम की नई पार्किंग, लेकिन व्यापारियों की नाराजगी
करीब एक माह पहले नगर निगम ने घंटाघर से राजपुर डायवर्जन तक सात स्थानों पर करीब 538 वाहनों की पार्किंग शुरू करने का दावा किया था। हालांकि, व्यापारी वर्ग इस व्यवस्था से पूरी तरह सहमत नहीं है। व्यापारियों का कहना है कि ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए पहले आधे घंटे की पार्किंग निःशुल्क होनी चाहिए। उनका तर्क है कि शुल्क लगने से ग्राहक बाजार आने से कतराने लगे हैं, जिससे कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है। इस प्रस्ताव पर अब तक नगर निगम प्रशासन की सहमति नहीं बन पाई है।
पार्किंग क्षमता ऊंट के मुंह में जीरा
व्यापारियों और स्थानीय लोगों का मानना है कि सात पार्किंग स्थल शहर की जरूरत के मुकाबले बेहद कम हैं। दून वैली महानगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष पंकज मैसोन ने सुझाव दिया है कि पलटन बाजार क्षेत्र में शिवालय मंदिर के पास स्थित डेढ़ बीघा नजूल भूमि पर बहुमंजिला पार्किंग बनाई जा सकती है। इस भूमि पर चार मंजिला पार्किंग विकसित कर एक साथ लगभग 600 वाहनों की व्यवस्था संभव है। खास बात यह है कि इस स्थान पर दोतरफा एंट्री प्वाइंट भी उपलब्ध है।
कई बार हो चुकी है पार्किंग की तलाश
बीते वर्षों में प्रशासन, पुलिस, एमडीडीए और नगर निगम द्वारा पार्किंग के लिए कई स्थान तलाशे गए। यहां तक कि ट्रैफिक पुलिस ने निजी जमीन पर पार्किंग विकसित करने का प्रस्ताव भी दिया था और अनुमति देने की बात कही थी, लेकिन जमीन की उपलब्धता न होने के कारण यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी। पुलिस ने ड्रोन से भी खाली स्थानों की तलाश करवाई, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई।
घंटाघर-पटेल पार्क पार्किंग पर विवाद
घंटाघर और पटेल पार्क के सामने नगर निगम द्वारा दिए गए पार्किंग टेंडर को लेकर विरोध शुरू हो गया है। महानगर कांग्रेस व्यापार प्रकोष्ठ का आरोप है कि सड़क को 15 से 20 फीट तक संकरा कर पार्किंग का टेंडर दिया गया, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था और बिगड़ गई है। व्यापारियों का कहना है कि यह इलाका पहले से ही अत्यधिक भीड़भाड़ वाला है और सड़क संकरी होने से पैदल चलने वालों को भी परेशानी हो रही है। इससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।







