Defence Estates Department 100th year : रक्षा संपदा दिवस समारोह में शामिल होंगे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

Defence Estates Department

Share This Article

Defence Estates Department : रक्षा मंत्रालय के अतंर्गत काम करने वाला रक्षा संपदा विभाग (Defence Estates Department) इस वर्ष अपने स्थापना के 100वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। इस अवसर पर रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह 16 दिसंबर, 2025 को दिल्ली छावनी स्थित रक्षा संपदा भवन में आयोजित रक्षा संपदा दिवस समारोह (defence Estates Day Celebration) की अध्यक्षता करेंगे। इस आयोजन में उन्हें 61 छावनी बोर्डों को उनकी उत्कृष्ट सार्वजनिक सेवा और भूमि प्रबंधन में उत्कृष्टता के लिए सम्मानित करने का अवसर मिलेगा।

1765 में पश्चिम बंगाल के बैरकपुर में स्थापित पहली छावनी से लेकर दानापुर (1766), मेरठ (1803), अंबाला (1843) और दिल्ली (1915) तक छावनियों का यह नेटवर्क भारतीय रक्षा व्यवस्था की नींव के रूप में सामने आया। 16 दिसंबर, 1926 को इस विभाग का आधिकारिक रूप रक्षा मंत्रालय के अधीन भूमि और छावनी विभाग के रूप में स्थापित किया गया था।

Defence Estates Department

रक्षा संपदा विभाग ने अपने 100 वर्षों के सफर में अनेक आधुनिकरण और नवाचार किए हैं, जो न केवल विभाग के कार्यों को आसान बनाते हैं, बल्कि पूरे देश में भूमि प्रबंधन के क्षेत्र में एक नया मुकाम हासिल करते हैं। आज यह विभाग भारतीय सरकार की सबसे बड़ी भू-संपत्ति का प्रबंधन करता है। विभाग ने ई-छावनी परियोजना को सफलतापूर्वक लागू किया, जिससे छावनी के 20 लाख निवासियों को शत-प्रतिशत नगरपालिका सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा सकी हैं।

जल संरक्षण में भी विभाग ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जल संचय जन भागीदारी के तहत किए गए प्रयासों के लिए विभाग को राष्ट्रीय जल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा पुराने भूमि अभिलेखों का fully Digitalization भी किया गया है, जिससे भविष्य में उनका संरक्षण सुनिश्चित हो सके।

विभाग ने भूमि सर्वेक्षण में दक्षता प्राप्त करने के लिए नई तकनीकों का उपयोग किया है। भौगोलिक सूचना प्रणाली (Geographic Information Systems) और उच्च-रिज़ॉल्यूशन उपग्रह इमेजरी (High-resolution satellite imagery) का उपयोग करके भूमि सर्वेक्षण की सटीकता में सुधार किया गया है। इसके साथ ही, विभाग ने Artificial Intelligence (AI) और मशीन लर्निंग जैसी उभरती technologies का इस्तेमाल किया है।

रक्षा संपदा विभाग (Defence Estates Department) भविष्य में उपग्रह आधारित निगरानी और मानवरहित दूरस्थ व्हीकल पहल के माध्यम से रक्षा भूमि प्रबंधन के लिए नई पीढ़ी के समाधान तैयार करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। विभाग ने डिजिटल भूमि अभिलेख और भविष्य में सुरक्षित संग्रहण के लिए एक केंद्रीकृत Software Platform ‘रक्षा भूमि’ का भी निर्माण किया है, जो सभी रक्षा भूमि अभिलेखों का एकीकृत भंडार है।

रक्षा संपदा विभाग (Defence Estates Department) का 100वां वर्ष भारत की रक्षा और भूमि प्रबंधन प्रणाली में अनगिनत नवाचारों और विकास का प्रतीक है। विभाग ने अपनी कार्यशैली में सुधार करते हुए डिजिटल तकनीकों और उभरती प्रौद्योगिकियों का सफलतापूर्वक प्रयोग किया है, जिससे न केवल कार्य की दक्षता में वृद्धि हुई है, बल्कि रक्षा भूमि प्रबंधन में भी एक नया मानक स्थापित किया है। यह विभाग भारतीय रक्षा व्यवस्था की मज़बूती और सुरक्षा के लिए हमेशा एक मजबूत स्तंभ बना रहेगा।

यह भी पढे़ – काशी और तमिलनाडु के बीच सांस्कृतिक संबंधों को सशक्त बनाने के लिए ‘तमिल करकलाम’ कार्यक्रम

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Live Channel

Advertisement

[wonderplugin_slider id=1]

Live Poll

Are You Satisfied DD News UP

Also Read This