वैश्विक क्रिप्टो बाजार में पिछले 24 घंटों के दौरान एक बार फिर से हरियाली लौटती दिख रही है। ग्लोबल क्रिप्टो मार्केट कैप अब $2.31 ट्रिलियन के स्तर पर पहुंच चुका है, जो पिछले दिन के मुकाबले करीब 0.54% की मजबूती दर्शाता है। बिटकॉइन और अन्य प्रमुख ऑल्टकॉइन्स ने काफी हद तक वैश्विक इक्विटी मार्केट्स के नक्शेकदम पर चलते हुए अपनी चाल तय की है।
वीकेंड के दौरान बाजार पर दबाव साफ नजर आया था और कीमतों में हल्की गिरावट भी दर्ज की गई थी। हालांकि, पिछले 24 घंटों में शानदार रिकवरी देखने को मिली है। करीब 1.98% की तेजी के साथ बिटकॉइन अब $67,000 के महत्वपूर्ण स्तर पर ट्रेड कर रहा है। निवेशकों के लिए यह राहत की बात है कि बाजार ने निचले स्तरों से तेजी से वापसी की है, लेकिन वैश्विक संकेत अभी भी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हैं।
वैश्विक बाजारों का दबाव: निक्केई में 8% की भारी गिरावट
क्रिप्टो मार्केट में भले ही रिकवरी दिख रही हो, लेकिन वैश्विक शेयर बाजारों से मिलने वाले संकेत डराने वाले हैं। जापान के प्रमुख इंडेक्स निक्केई (Nikkei) में करीब 8% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। यह इस बात का साफ संकेत है कि वैश्विक स्तर पर इक्विटी मार्केट्स में सेंटीमेंट कमजोर हो रहा है। आमतौर पर जब शेयर बाजारों में बड़ी बिकवाली आती है, तो उसका असर रिस्की एसेट क्लास माने जाने वाले क्रिप्टो मार्केट पर भी पड़ता है।
इसके अलावा, पश्चिम एशिया में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव (ईरान-इजराइल युद्ध) ने आग में घी डालने का काम किया है। तनाव की वजह से कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में 66% का जबरदस्त उछाल देखा गया है। महंगा क्रूड मतलब सीधे तौर पर महंगाई का बढ़ता दबाव। जब भी महंगाई बढ़ती है, निवेशक जोखिम भरे निवेश जैसे क्रिप्टो से दूरी बनाने लगते हैं और सुरक्षित निवेश की ओर रुख करते हैं।
स्पॉट ETF में बढ़ा भरोसा: $568 मिलियन का बड़ा इनफ्लो
तमाम नकारात्मक संकेतों के बीच कुछ सकारात्मक ट्रिगर्स भी हैं जो मार्केट को सहारा दे रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि पिछले दो हफ्तों से बिटकॉइन और एथेरियम के स्पॉट ETF में लगातार पैसा आ रहा है। पिछले हफ्ते ही बिटकॉइन स्पॉट ETF में $568.45 मिलियन और एथेरियम स्पॉट ETF में $23.56 मिलियन का इनफ्लो दर्ज किया गया।
इसका सीधा मतलब यह है कि बाजार की वोलैटिलिटी के बावजूद ‘स्मार्ट मनी’ यानी बड़े और संस्थागत निवेशक गिरावट में खरीदारी कर रहे हैं। यह भारी निवेश मार्केट के लिए एक मजबूत सपोर्ट का काम कर रहा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि अमेरिका में लिक्विडिटी की स्थिति उम्मीद के मुताबिक रही, तो बिटकॉइन के लिए $70,000 का रेजिस्टेंस पार करना ज्यादा मुश्किल नहीं होगा।
निश्चल शेट्टी का नजरिया: क्या $67K का सपोर्ट बना रहेगा?
वज़ीरएक्स (WazirX) के संस्थापक और वेब3 इकोसिस्टम के प्रमुख विशेषज्ञ निश्चल शेट्टी के अनुसार, फिलहाल बाजार एक दोराहे पर खड़ा है। एक तरफ ETF इनफ्लो से सेंटीमेंट को सहारा मिल रहा है, तो दूसरी तरफ वैश्विक अनिश्चितता निवेशकों को डरा रही है। फिलहाल $67,000 का स्तर बिटकॉइन के लिए एक मजबूत सपोर्ट जोन बनकर उभरा है।
निश्चल शेट्टी का मानना है कि यदि बाजार यहां से और गिरता है, तो निवेशकों का भरोसा डगमगा सकता है और मूड तेजी से बिगड़ सकता है। निवेशकों के लिए फिलहाल यही सलाह है कि बाजार में उतार-चढ़ाव (Volatility) बहुत ज्यादा है, इसलिए सावधानी से कदम बढ़ाएं। बड़े निवेशकों की चाल और वैश्विक घटनाक्रमों पर पैनी नजर रखना इस समय सबसे जरूरी है।
निवेश की रणनीति और सावधानी
क्रिप्टो मार्केट की मौजूदा चाल को देखते हुए यह साफ है कि बाजार अभी भी बाहरी कारकों के प्रति बेहद संवेदनशील है। $67,000 का स्तर टूटना बाजार के लिए खतरे की घंटी हो सकता है, जबकि इसके ऊपर टिके रहना $70,000 की नई रैली का आधार बन सकता है। ऐसे में रिटेल निवेशकों को किसी भी बड़े निवेश से पहले मार्केट के टेक्निकल लेवल्स और ग्लोबल न्यूज को बारीकी से समझना चाहिए।
निश्चल शेट्टी जैसे विशेषज्ञों का मानना है कि ब्लॉकचेन-नेटिव प्रोडक्ट्स और वेब3 के भविष्य को देखते हुए लंबे समय के लिए बाजार की बुनियाद मजबूत है, लेकिन शॉर्ट-टर्म में युद्ध और महंगाई जैसे कारक बाजार की दिशा तय करेंगे।
(डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ जागरुकता के लिए है और किसी भी प्रकार से क्रिप्टो में निवेश की सलाह नहीं है। क्रिप्टो में निवेश जोखिमभरा है। भारत में क्रिप्टो निवेश अविनियमित है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें। किसी भी वित्तीय नुकसान के लिए दूरदर्शन उत्तरप्रदेश उत्तरदायी नहीं होगा।)