सीएम योगी का बड़ा ऐलान: लखीमपुर खीरी का ‘मियांपुर’ अब कहलाएगा ‘रवींद्रनगर’, पाकिस्तान और विपक्ष पर जमकर बरसे मुख्यमंत्री

Share This Article

सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूपी के एक और गांव का नाम बदलने का ऐलान किया। शनिवार को लखीमपुर खीरी पहुंचे सीएम योगी ने 213 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की सांस्कृतिक पहचान को पुनर्स्थापित करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। शनिवार को लखीमपुर खीरी के चंदन चौकी पहुंचे मुख्यमंत्री ने जिले के एक गांव ‘मियांपुर’ का नाम बदलने की घोषणा की। जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि इतिहास की गलतियों को सुधारते हुए अब इस गांव को विश्वकवि रवींद्रनाथ टैगोर के नाम पर ‘रवींद्रनगर’ के रूप में नई पहचान दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान पिछली सरकारों की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति के चलते पूर्ववर्ती सरकारों ने पहचान छिपाने के लिए गांव का नाम मियांपुर रख दिया था, जबकि वास्तविकता यह है कि उस गांव में एक भी ‘मियां’ परिवार नहीं रहता था। उन्होंने कहा कि गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर का इस क्षेत्र से गहरा नाता रहा है, इसलिए उनकी स्मृति को सम्मान देते हुए यह निर्णय लिया गया है।

विस्थापितों को मिला अधिकार, पाकिस्तान के अस्तित्व पर बड़ा बयान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान विस्थापित होकर आए 331 हिंदू बांग्लादेशी परिवारों को बड़ी सौगात दी। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार में किसी भी वर्ग की उपेक्षा नहीं की जाएगी। पाकिस्तान के विभाजन और वहां के हालातों का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने एक बड़ी भविष्यवाणी भी की। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान ने अपने पापों की वजह से 1971 में अपने एक हिस्से को खो दिया था, लेकिन उसके पाप का घड़ा अभी भरा नहीं है। पाकिस्तान के अभी और भी टुकड़े होंगे। पाकिस्तान की वजह से हिंदुओं पर बहुत अत्याचार हुआ है और उसे इसकी कीमत चुकानी होगी।”

सीएम योगी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विस्थापित परिवारों को दशकों तक उनके बुनियादी अधिकारों से वंचित रखा गया। कांग्रेस और तत्कालीन सरकारों ने इन परिवारों को न्याय देने के बजाय उनकी पहचान को मिटाने की कोशिश की। आज भाजपा सरकार इन परिवारों को भूमि का अधिकार देकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ रही है।

विपक्ष पर साधा निशाना: “सिखों और हिंदुओं के मुद्दे पर सिल जाते हैं विपक्ष के होंठ”

जनसभा में मुख्यमंत्री का तेवर सपा और कांग्रेस के खिलाफ काफी कड़ा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी हिंदुओं या सिखों पर अत्याचार की बात आती है, तो सपा, कांग्रेस और टीएमसी जैसे विपक्षी दलों का मुंह सिल जाता है। उन्होंने कहा, “बांग्लादेश में हिंदुओं और सिखों की हत्या हो या उनकी संपत्ति पर कब्जे का मामला, विपक्ष चुप्पी साध लेता है। सपा के लोग जिन्ना का महिमामंडन करते हैं, लेकिन उन्हें पीड़ित हिंदुओं की पीड़ा दिखाई नहीं देती। सपा की पहचान सिर्फ सैफई तक सीमित है, जबकि हम पूरे उत्तर प्रदेश के विकास की बात करते हैं।”

सीएम योगी ने यह भी कहा कि विपक्षी दलों के लिए सत्ता सिर्फ शोषण का जरिया थी, जहाँ केवल वादे किए जाते थे। आज धरातल पर काम हो रहा है और बिना किसी भेदभाव के सभी पात्र परिवारों को योजनाओं का लाभ मिल रहा है।

थारू समाज और पूर्वी समाज को मिली जमीन की मिल्कियत

मुख्यमंत्री ने लखीमपुर खीरी दौरे के दौरान 213 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर जिले को करोड़ों की सौगात दी। सबसे महत्वपूर्ण कदम थारू समाज और पूर्वी उत्तर प्रदेश से आए विस्थापित परिवारों के लिए रहा। चंदन चौकी में मुख्यमंत्री ने थारू समाज के 4356 परिवारों को 5338 हेक्टेयर जमीन का भौमिक अधिकार पत्र सौंपा।

इसके साथ ही 1955 में पूर्वी उत्तर प्रदेश से आए 2350 विस्थापित परिवारों को भी 4251 हेक्टेयर जमीन का मालिकाना हक दिया गया। अधिकार पत्र सौंपते हुए मुख्यमंत्री ने कड़ा संदेश दिया कि अब इन परिवारों को न तो वन विभाग परेशान करेगा और न ही पुलिस या राजस्व विभाग। सीएम ने चेतावनी दी कि अब कोई भी लेखपाल कागजों में हेरफेर कर किसी दबंग को इन गरीबों की जमीन पर कब्जा नहीं करा पाएगा।

विकास की नई लकीर और सुरक्षा का भरोसा

लखीमपुर खीरी के तराई क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय समुदायों को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक विकास पहुंचाना है। थारू समाज की कला और संस्कृति को संरक्षित करने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश में अब कानून का राज है और किसी भी गरीब या मजलूम के हक पर डाका डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कार्यक्रम के दौरान मंच पर भाजपा के कई दिग्गज नेता और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। स्थानीय लोगों में जमीन का मालिकाना हक मिलने और गांव का नाम बदलने के फैसले को लेकर खासा उत्साह देखा गया। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि उत्तर प्रदेश अब नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है और तुष्टिकरण की राजनीति के दिन अब लद चुके हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Live Channel

Advertisement

[wonderplugin_slider id=1]

Live Poll

Are You Satisfied DD News UP

Also Read This