मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंजाब के बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए बीज सहायता वाहनों को लखनऊ से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी किसी राज्य पर प्राकृतिक आपदा का संकट आता है, तब भारत परिवार की एकता और सहयोग की भावना ही हमें एक सूत्र में बांधती है। उन्होंने बताया कि पंजाब के किसानों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से कुल 2,500 बोरों में लगभग 1,000 क्विंटल उन्नत प्रजाति के बीज भेजे जा रहे हैं। इन बीजों से वहां के किसान अपनी फसलें दोबारा बो सकेंगे और उन्हें आजीविका में बड़ी राहत मिलेगी।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसान देश की आत्मा हैं। जब किसान संकट में होता है, तब देश का हर नागरिक प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने पहले भी बाढ़ प्रभावित राज्यों—पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड—को राहत सामग्री और मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता राशि भेजी थी। अब यह बीज सहायता किसानों की आजीविका को पुनः पटरी पर लाने का एक और प्रयास है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल बीज नहीं, बल्कि “आशा और विश्वास के बीज” हैं, जो पंजाब के खेतों में फिर से हरियाली लाएँगे।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार किसानों के हित में लगातार कार्य कर रही है। फसल बीमा, सिंचाई परियोजनाओं और बीज वितरण योजनाओं से राज्य के लाखों किसानों को लाभ पहुंचा है। योगी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प में आत्मनिर्भर किसान की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जब हर राज्य एक-दूसरे के साथ खड़ा होगा, तभी देश मजबूत बनेगा।
मुख्यमंत्री योगी ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश और पंजाब का रिश्ता केवल भौगोलिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक भी है। दोनों राज्यों के किसान देश की खाद्य सुरक्षा में अहम योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि इस सहयोग से किसानों को प्राकृतिक आपदा से उबरने में मदद मिलेगी और उनके जीवन में फिर से स्थिरता आएगी।
इस मौके पर कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, राहत आयुक्त और कई स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने मुख्यमंत्री के इस कदम को मानवीयता और सहकारिता की मिसाल बताया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि भारत की असली ताकत उसकी एकता और संवेदना में है। जब एक राज्य दूसरे राज्य की मदद करता है, तो यह केवल सहायता नहीं, बल्कि मानवता का संदेश होता है।