लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को प्रयागराज भ्रमण के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए कहा कि उन्हें पावन त्रिवेणी संगम में दर्शन और स्नान का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष का माघ मेला पूरी भव्यता के साथ पौष पूर्णिमा 3 जनवरी 2026 से प्रारंभ हो चुका है, जो आगामी 15 फरवरी तक चलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते वर्ष इसी समय प्रयागराज में महाकुंभ की अंतिम तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही थीं और 10 जनवरी 2025 को वे स्वयं व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने यहां आए थे। इस वर्ष माघ मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। प्रशासन का अनुमान था कि पौष पूर्णिमा के अवसर पर 10 से 15 लाख श्रद्धालु संगम स्नान के लिए पहुंचेंगे, लेकिन सभी अनुमानों को पीछे छोड़ते हुए 31 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मां गंगा, मां यमुना और मां सरस्वती की पावन त्रिवेणी में स्नान कर भगवान वेणी माधव, बड़े हनुमान जी और अक्षयवट के दर्शन किए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस समय कल्पवासी एक माह के कल्पवास के लिए साधना में लीन हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें आज जगद्गुरु रामानन्दाचार्य जी की 726वीं जयंती के पावन कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर प्राप्त हुआ। प्रयागराज की धरती को उन्होंने अनेक ऋषि-मुनियों की तपोभूमि बताते हुए कहा कि यह क्षेत्र महर्षि भारद्वाज, महर्षि याज्ञवल्क्य सहित अनेक सिद्ध संतों के सान्निध्य से धन्य रहा है। उन्होंने कहा कि 726 वर्ष पूर्व इसी पावन भूमि पर जगद्गुरु रामानन्दाचार्य जी का जन्म हुआ था।
मुख्यमंत्री ने बताया कि माघ मेले की तैयारियों की भी समीक्षा की गई है। आगामी 14 और 15 जनवरी को मकर संक्रांति स्नान, 18 जनवरी को मौनी अमावस्या, 23 जनवरी को बसंत पंचमी, इसके बाद माघ पूर्णिमा और अंत में 15 फरवरी को महाशिवरात्रि स्नान आयोजित किया जाएगा। ये सभी स्नान पर्व माघ मेले के प्रमुख आकर्षण हैं।
सीएम योगी ने कहा कि माघ मेले के सफल आयोजन के लिए प्रशासन, पुलिस और सभी संबंधित विभाग पूरी तत्परता से जुटे हुए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए घाटों की लंबाई बढ़ाई गई है और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। भीषण शीत लहर से बचाव के लिए भी समुचित इंतजाम किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि मेले में पब्लिक एड्रेस सिस्टम के साथ-साथ ‘मेला सेवा ऐप’ का भी शुभारंभ किया गया है। इस मोबाइल ऐप के माध्यम से श्रद्धालु, संत और कल्पवासी आवश्यक सेवाओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और किसी भी समस्या की जानकारी प्रशासन तक पहुंचा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ऐप का बेहतर उपयोग किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रशासन ने आपसी समन्वय और तत्परता के साथ पौष पूर्णिमा का स्नान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया है। आगामी सभी प्रमुख स्नान पर्व भी उसी पवित्रता, संवाद और सहयोग के साथ सकुशल संपन्न कराए जाएंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी के सहयोग से माघ मेला सफलतापूर्वक संपन्न होगा।







