लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रदेश की जनता के नाम एक भावनात्मक और जागरूकता से भरा पत्र लिखा है, जिसे उन्होंने ‘योगी की पाती’ नाम दिया। इस पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं के कारण हो रही जनहानि पर गहरा दुख व्यक्त किया है और आमजन से यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने पत्र में स्पष्ट शब्दों में कहा कि सड़क दुर्घटनाएं केवल आंकड़े नहीं होतीं, बल्कि इनके पीछे टूटते परिवार, उजड़ते सपने और अपूरणीय क्षति छिपी होती है। उन्होंने इस समस्या को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए जनभागीदारी पर विशेष जोर दिया।
सड़क दुर्घटनाओं पर जताई गंभीर चिंता
सीएम योगी आदित्यनाथ ने पत्र में लिखा कि लापरवाही से वाहन चलाने, तेज गति, नशे की हालत में ड्राइविंग और यातायात नियमों की अनदेखी के कारण हर वर्ष हजारों लोग असमय काल का ग्रास बन जाते हैं। इससे न केवल परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूटता है, बल्कि समाज और राष्ट्र को भी अपूरणीय क्षति होती है।
उन्होंने लिखा,
“सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली जनहानि देख मुझे अत्यंत दुख होता है। लापरवाही से वाहन चलाने और यातायात नियमों की अनदेखी के कारण हम हर वर्ष हजारों लोगों को खो देते हैं। ऐसी दुर्घटनाओं में स्वस्थ लोगों की अकाल मृत्यु अपने पीछे शोक-संतप्त परिवार छोड़ जाती है।”
मेरे सम्मानित प्रदेश वासियों,
31 जनवरी तक हम प्रदेश भर में ‘सड़क सुरक्षा माह’ आयोजित कर रहे हैं। यह हमारे परिवारों और भविष्य की रक्षा का संकल्प है।
प्रदेश की सड़कें सभी के लिए सुगम-सुरक्षित हों, इसके लिए पुलिस तो नियमों को कड़ाई से लागू करेगी ही, परंतु सभी का सहयोग भी अपेक्षित… pic.twitter.com/Z26IKtdpvl
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) January 12, 2026
सामूहिक दायित्व और सजगता की आवश्यकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल सरकार या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि सभी लोग सजगता और जिम्मेदारी के साथ नियमों का पालन करें, तो सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
31 जनवरी तक चल रहा सड़क सुरक्षा माह
सीएम योगी ने जानकारी दी कि प्रदेश में 31 जनवरी तक ‘सड़क सुरक्षा माह’ आयोजित किया जा रहा है। यह अभियान परिवारों और भविष्य की सुरक्षा के संकल्प के साथ चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य वाहन चालकों, दोपहिया सवारों और पैदल यात्रियों के सड़क व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है ताकि वे स्वयं और दूसरों की सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार बनें।
दुर्घटना-संवेदनशील जिलों में विशेष अभियान
मुख्यमंत्री ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मृत्यु दर को शून्य स्तर पर लाने के लक्ष्य के साथ प्रदेश के 20 दुर्घटना-संवेदनशील जनपदों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके अलावा, पूरे प्रदेश में 3,000 से अधिक ऐसे स्थानों की पहचान की गई है, जहां दुर्घटनाओं की संभावना अधिक रहती है। इन स्थानों पर विशेष निगरानी, ट्रैफिक सुधार और सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं।
पांच प्रमुख बिंदुओं पर आधारित अभियान
सीएम योगी के अनुसार, सड़क सुरक्षा अभियान को शिक्षा, प्रवर्तन, इंजीनियरिंग और आपात देखभाल जैसे प्रमुख बिंदुओं के आधार पर संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सड़क सुरक्षा को लेकर एक व्यापक और स्थायी सुधार सुनिश्चित करना है।
नियमों के पालन और सतर्कता की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सड़कें सभी के लिए सुरक्षित और सुगम बनें, इसके लिए पुलिस नियमों को कड़ाई से लागू करेगी, लेकिन आमजन का सहयोग उतना ही आवश्यक है। उन्होंने वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के उपयोग को बेहद खतरनाक बताया और इसे गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बताया।
हेलमेट, सीट बेल्ट और गति सीमा पर जोर
सीएम योगी ने कहा कि गति सीमा का पालन, नशे में वाहन न चलाना, हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग जीवन रक्षक उपाय हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये सुरक्षा उपकरण दिखावे के लिए नहीं, बल्कि चालक और उसके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हैं।