बुधवार देर शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में CM Yogi ने आज से शुरु हो रहे चैत्र नवरात्र और ईद उल फितर के मद्देनजर व्यापक तैयारियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों को निर्देशित किया कि संवेदनशीलता और समन्वय के साथ कार्य करते हुए शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ पर कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने साफ कहा कि पर्व-त्योहारों के दौरान सार्वजनिक उद्दंडता और माहौल बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसी हर घटना के दोषियों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस के साथ कठोर कार्रवाई की जाए।
उत्तर प्रदेश में त्योहारों का सीजन शुरू हो चुका है और इसी के साथ शासन-प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। गुरुवार से चैत्र नवरात्र का पावन पर्व शुरू हो रहा है, जिसके ठीक बाद अलविदा की नमाज और ईद-उल-फितर जैसे महत्वपूर्ण त्योहार भी हैं। इन सबको देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार देर शाम एक अहम बैठक की, जिसमें उन्होंने साफ कर दिया कि उत्तर प्रदेश की सड़कों पर शांति और अनुशासन हर हाल में बना रहना चाहिए।
त्योहारों पर सुरक्षा और सुविधा का मंत्र
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस समीक्षा बैठक में CM Yogi ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों को निर्देश दिए कि पर्वों का आयोजन परंपरा के दायरे में ही होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने खास तौर पर देवी मंदिरों में उमड़ने वाली भीड़ का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को पेयजल, सफाई और सुरक्षा में कोई कमी महसूस नहीं होनी चाहिए। CM Yogi का स्पष्ट मानना है कि धार्मिक स्थलों पर व्यवस्था ऐसी हो कि आम आदमी को दर्शन में आसानी रहे और सुरक्षा के घेरे में कोई चूक न हो।

कानून व्यवस्था और अपराधियों में खौफ
बैठक के दौरान CM Yogi ने हाल के दिनों में बदायूं, मुरादाबाद और प्रयागराज जैसी जगहों पर हुई आपराधिक घटनाओं पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि अपराधियों में पुलिस की वर्दी का खौफ दिखना चाहिए। मुख्यमंत्री ने पीआरवी-112 की गश्त बढ़ाने और चेन स्नेचिंग जैसी वारदातों पर लगाम लगाने के निर्देश दिए। CM Yogi ने यह भी साफ कर दिया कि जो लोग बाइक से स्टंट कर माहौल खराब करते हैं, उनके खिलाफ पुलिस को अब नरमी बरतने की जरूरत नहीं है।
लाउडस्पीकर और एलपीजी आपूर्ति पर निर्देश
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए CM Yogi ने एक बार फिर दोहराया कि धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर की आवाज तय मानकों के भीतर ही होनी चाहिए। अगर नियमों का उल्लंघन होता है, तो उन्हें हटाने में संकोच न किया जाए। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण हो रही एलपीजी की किल्लत पर भी मुख्यमंत्री गंभीर दिखे। CM Yogi ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाजार में सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों पर सीधे एफआईआर दर्ज की जाए ताकि आम जनता को रसोई गैस की आपूर्ति में दिक्कत न आए।

राष्ट्रपति के दौरे और प्रोटोकॉल की समीक्षा
अयोध्या और मथुरा-वृंदावन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के प्रस्तावित आगमन को लेकर भी CM Yogi ने तैयारियों का जायजा लिया था। उन्होंने प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने को कहा, ताकि राष्ट्रपति की सुरक्षा और उनके कार्यक्रमों में कोई बाधा न आए। साथ ही, उन्होंने गो-आश्रय स्थलों के लिए समय पर बजट जारी करने और वहां नोडल अधिकारियों की तैनाती के निर्देश भी दिए ताकि बेसहारा पशुओं की देखभाल सही ढंग से हो सके।
CM Yogi का संदेश बहुत सीधा है—त्योहार खुशियों के लिए हैं, हंगामे के लिए नहीं। सरकार ने अपनी तरफ से पूरी तैयारी कर ली है, अब जिम्मेदारी हमारी और आपकी है कि हम इन पर्वों को मिल-जुलकर और शांति के साथ मनाएं। मुख्यमंत्री की इस सख्ती का मकसद केवल इतना है कि प्रदेश का हर नागरिक सुरक्षित महसूस करे और अराजक तत्व किसी भी तरह से माहौल को खराब न कर पाएं।
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