उत्तर प्रदेश के Chandauli जिले से अपराध जगत की एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ की पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो घर के अंदर ही टैलेंट का गलत इस्तेमाल कर नकली नोट छाप रहा था। अलीनगर थाने की पुलिस और स्वाट टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मानस नगर इलाके में दबिश दी और जाली नोटों के साथ एक मुख्य आरोपी और दो नाबालिगों को हिरासत में लिया है।
यूट्यूब से सीखा नकली नोट बनाने का तरीका
पकड़े गए आरोपी की पहचान Chandauli के बलुआ थानाक्षेत्र के रहने वाले उधम सिंह यादव के रूप में हुई है। पूछताछ में जो खुलासा हुआ, वह काफी चौंकाने वाला है। आरोपी ने बताया कि उसने गूगल और यूट्यूब की मदद से नकली नोट छापने की बारीकियां सीखी थीं। वह 1000 रुपये के असली नोट के बदले 3500 रुपये के जाली नोट बाजार में खपाने का काम करता था। Chandauli पुलिस ने मौके से 100 रुपये के 55 तैयार नोट और 57 आधे बने नोट बरामद किए हैं।

छापेमारी में प्रिंटर और लैपटॉप बरामद
Chandauli के मुगलसराय सीओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस को सटीक सूचना मिली थी कि मानस नगर की एक कॉलोनी में यह अवैध धंधा चल रहा है। जब पुलिस टीम ने मकान में छापा मारा, तो वहां से तीन प्रिंटर, एक लैपटॉप और नोट छापने के लिए इस्तेमाल होने वाला खास पेपर भी मिला। Chandauli पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इस गिरोह के तार और कहां-कहां जुड़े हैं और इन्होंने अब तक बाजार में कितने नकली नोट खपाए हैं।
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पुलिस टीम की मुस्तैदी की हो रही सराहना
इस पूरी कार्रवाई में अलीनगर थानाध्यक्ष अनिल कुमार पांडेय और स्वाट प्रभारी रामजन्म यादव की टीम ने अहम भूमिका निभाई। Chandauli पुलिस की इस सतर्कता से बाजार में नकली करेंसी फैलने से पहले ही एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया गया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही है ताकि इस धंधे के मास्टरमाइंड तक पहुँचा जा सके।
Chandauli की यह घटना हमें सचेत करती है कि बाजार में लेनदेन के दौरान नोटों की पहचान करना कितना जरूरी है। इंटरनेट का गलत इस्तेमाल कर अपराधी नए-नए तरीके अपना रहे हैं, लेकिन Chandauli पुलिस की मुस्तैदी ने एक बार फिर उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया है।
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