केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने क्लास 10 और 12 के प्रैक्टिकल एग्जाम, प्रोजेक्ट और इंटरनल असेसमेंट को लेकर सभी एफिलिएटेड स्कूलों को एक अहम रिमाइंडर जारी किया है। बोर्ड ने साफ निर्देश दिए हैं कि सभी स्कूल समय पर अपने स्टूडेंट्स के असेसमेंट पूरा करें और किसी तरह की देरी या अनियमितता न हो। बोर्ड ने अपने नोटिफिकेशन में कहा है कि स्कूलों को पेरेंट्स और स्टूडेंट्स को पहले से शेड्यूल की जानकारी दे देनी चाहिए ताकि प्रैक्टिकल और प्रोजेक्ट कार्य सुचारू रूप से हो सके। बोर्ड ने यह भी निर्देश दिया कि तय एग्जाम से पहले स्टूडेंट्स की प्रैक्टिकल आंसर बुक्स तैयार हों।
लैब और संसाधनों का पूरा इंतज़ाम जरूरी
CBSE ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रैक्टिकल एग्जाम आसान और व्यवस्थित बनाने के लिए लैब में जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर, उपकरण और सामग्री पूरी तरह उपलब्ध होनी चाहिए। इसके अलावा विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए भी उचित इंतज़ाम किया जाए ताकि वे आराम से प्रैक्टिकल दे सकें।
बोर्ड ने निर्देश दिया है कि स्टूडेंट्स स्कूल के तय शेड्यूल के अनुसार ही अपने असेसमेंट के लिए आएं, जिससे भीड़ या तालमेल की समस्या न हो।
मार्क्स सिर्फ़ परफॉर्मेंस के आधार पर
CBSE ने रिमाइंडर में यह भी जोर देकर कहा है कि प्रैक्टिकल और प्रोजेक्ट में दिए जाने वाले मार्क्स सिर्फ़ स्टूडेंट की परफॉर्मेंस पर आधारित हों। बोर्ड ने साफ किया कि मार्क्स अपलोड करने के बाद कोई बदलाव या करेक्शन नहीं होगा।
इसके अलावा, नेशनल या इंटरनेशनल लेवल के खेलों में भाग लेने वाले स्टूडेंट्स को कोई अलग छूट नहीं दी जाएगी। यानी उनके लिए अलग से प्रैक्टिकल कराने की जरूरत नहीं है।
क्लास 12 के लिए एक्सटर्नल एग्जामिनर अनिवार्य
विशेष रूप से क्लास 12 के लिए CBSE ने कहा है कि केवल बोर्ड द्वारा नियुक्त किए गए एक्सटर्नल एग्जामिनर ही प्रैक्टिकल असेसमेंट कर सकते हैं। किसी और एग्जामिनर का उपयोग करने पर पूरे असेसमेंट को रद्द किया जा सकता है।
प्रैक्टिकल और इंटरनल असेसमेंट की तारीखें, स्कूलों और अभिभावकों के लिए संदेश
बोर्ड परीक्षा 2026 17 फरवरी से शुरू होकर 10 अप्रैल तक चलेगी। वहीं, प्रैक्टिकल, प्रोजेक्ट और इंटरनल असेसमेंट 1 जनवरी से 14 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा। स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी स्टूडेंट्स का कार्य समय पर पूरा हो और मार्क्स अपलोड करने में कोई देरी न हो। CBSE का यह रिमाइंडर यह साफ करता है कि इस साल के प्रैक्टिकल और प्रोजेक्ट कार्य में अनियमितता और देरी की कोई जगह नहीं है। स्कूलों को बोर्ड की गाइडलाइन के अनुसार पूरा इंतज़ाम करना होगा और पेरेंट्स को भी पूरी जानकारी देनी होगी।
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