
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: महिला की इच्छा के खिलाफ गर्भावस्था नहीं थोपी जा सकती
सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में साफ किया है कि किसी भी महिला—विशेषकर नाबालिग—को उसकी इच्छा के विरुद्ध गर्भावस्था जारी रखने के लिए कोई अदालत मजबूर नहीं कर सकती। यह टिप्पणी उस मामले में आई, जिसमें शीर्ष अदालत ने 30 हफ्ते की गर्भवती महिला को गर्भपात की अनुमति दी। मामले की पृष्ठभूमि अदालत के

