Budget 2026-27: 9वां आम बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार को कर्तव्य भवन पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने तमिलनाडु की पारंपरिक कांजीवरम रेशमी साड़ी पहनी थी, जो बैंगनी रंग की थी और उस पर सुनहरे बॉर्डर की खूबसूरत कारीगरी नजर आ रही थी। बजट के दिन उनकी साड़ी हमेशा खास संदेश देती आई है और इस बार भी उनका पहनावा चर्चा का केंद्र बना।
हर वर्ष बजट के मौके पर वित्त मंत्री की साड़ी केवल फैशन स्टेटमेंट नहीं होती, बल्कि भारत की हथकरघा परंपरा, क्षेत्रीय शिल्प और सांस्कृतिक विविधता को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का माध्यम बनती है। इस बार चुना गया बैंगनी रंग भी प्रतीकात्मक माना जा रहा है, जो कई सामाजिक और राजनीतिक संकेत देता है।
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निर्मला सीतारमण की साड़ियों में अक्सर गहरा और सूक्ष्म संदेश छिपा होता है—चाहे वह स्थानीय बुनकरों को समर्थन देने का संकेत हो या आर्थिक और सामाजिक प्रगति का प्रतीक। बैंगनी रंग को महिला सशक्तिकरण से जोड़कर देखा जाता है, वहीं तमिलनाडु में इस वर्ष विधानसभा चुनाव भी प्रस्तावित हैं। ऐसे में यह चर्चा तेज है कि क्या बजट 11 बजे सदन में पेश होने पर महिलाओं से जुड़ी योजनाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सहायता पर विशेष फोकस देखने को मिलेगा।
बैंगनी रंग का संदेश
बैंगनी रंग को गरिमा, न्याय, समानता और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक माना जाता है। यह रंग अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस और महिला अधिकार आंदोलनों से भी जुड़ा रहा है। ऐसे में इस रंग का चयन इस ओर इशारा करता है कि बजट में महिलाओं के कल्याण, अवसरों और आत्मनिर्भरता से जुड़ी घोषणाएं अहम हो सकती हैं।
निर्मला सीतारमण की यह अनूठी परंपरा वर्ष 2019 से चली आ रही है। हर साल वह किसी न किसी राज्य की पारंपरिक साड़ी को चुनती हैं, जिससे न केवल वहां की कला और कारीगरी को सम्मान मिलता है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला कारीगरों की भूमिका भी राष्ट्रीय विमर्श में आती है।
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पिछले बजटों में साड़ियों का चयन
बजट 2025:
इस दौरान उन्होंने ऑफ-व्हाइट मिथिला पेंटिंग साड़ी पहनी थी, जिस पर मछली जैसे पारंपरिक रूपांकन बने थे। यह साड़ी पद्मश्री सम्मानित मिथिला कलाकार दुलारी देवी द्वारा उपहार में दी गई थी और बिहार की समृद्ध लोक कला को दर्शाती थी।
बजट 2024:
वित्त मंत्री ने पश्चिम बंगाल की नीली तुसार सिल्क साड़ी पहनी थी, जिस पर बारीक कंथा कढ़ाई की गई थी। यह साड़ी क्षेत्रीय हथकरघा और कारीगरों के योगदान को रेखांकित करती थी।
बजट 2023:
उन्होंने कर्नाटक की इलकल बुनाई वाली लाल हथकरघा रेशमी साड़ी चुनी थी, जिसमें काले बॉर्डर पर सोने की जरी और पारंपरिक कसूती कढ़ाई की गई थी।
बजट 2022:
इस वर्ष ओडिशा की बोमकाई साड़ी पहनी गई, जो गहरे भूरे रंग की थी और पारंपरिक हथकरघा कला का सशक्त उदाहरण बनी।
बजट 2021:
तेलंगाना की पोचमपल्ली इक्कट सिल्क साड़ी, लाल और ऑफ-व्हाइट रंग के साथ हरे बॉर्डर व ज्यामितीय डिज़ाइन में नजर आई।
बजट 2020:
महामारी के दौर में उन्होंने पीली रेशमी साड़ी पहनी थी, जिस पर हरा बॉर्डर था। पीला रंग आशा और समृद्धि का प्रतीक माना गया।
बजट 2019:
पहली बार बजट पेश करते समय उन्होंने चमकीली गुलाबी मंगलगिरी साड़ी का चयन किया था, जिसमें सुनहरा बॉर्डर था—यहीं से इस परंपरा की शुरुआत हुई।