Budget 2026-27: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में केंद्रीय बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से शिष्टाचार मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने लाल रंग का ‘डिजिटल बही-खाता’ राष्ट्रपति को प्रस्तुत किया। परंपरा के अनुसार, बजट सत्र से पहले वित्त मंत्री का राष्ट्रपति से मिलना एक स्थापित संसदीय परंपरा है। इस वर्ष भी केंद्रीय बजट पूरी तरह पेपरलेस रूप में पेश किया जाएगा। देश में पेपरलेस बजट प्रणाली की शुरुआत नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल में हुई थी।
गौरतलब है कि वर्ष 2019 में निर्मला सीतारमण ने ब्रिटिश शासनकाल से चली आ रही चमड़े की ब्रीफकेस परंपरा को समाप्त करते हुए उसकी जगह पारंपरिक भारतीय बही-खाते को अपनाया था। इसके बाद 2021 में उन्होंने बजट दस्तावेजों के लिए डिजिटल टैबलेट का प्रयोग शुरू किया। बजट 2026-27 वित्त मंत्री के रूप में उनका लगातार नौवां बजट होगा, जो अपने आप में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
यह बजट ऐसे समय में पेश किया जा रहा है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था दबाव में है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टैरिफ से प्रभावित कई क्षेत्रों को राहत की उम्मीद है। ऐसे में बजट 2026 में उद्योग जगत, निर्यात, विनिर्माण और व्यापार से जुड़े क्षेत्रों के लिए की जाने वाली घोषणाओं पर बाजार की विशेष नजर रहने की संभावना है।
केंद्रीय बजट 2026-27 को सुबह 11 बजे संसद में पेश करने के बाद वित्त मंत्री लगभग 30 कॉलेज छात्रों से संवाद करेंगी। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस पहल के तहत छात्र लोकसभा की गैलरी से बजट भाषण का सीधा प्रसारण देखेंगे, जिससे उन्हें देश की सबसे महत्वपूर्ण संसदीय प्रक्रियाओं में से एक को नजदीक से देखने का अवसर मिलेगा।
इन छात्रों का चयन वाणिज्य, अर्थशास्त्र, चिकित्सा शिक्षा और विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों से किया गया है। ये छात्र देश के अलग-अलग राज्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं। बजट सत्र के बाद वे कर्तव्य भवन-1 स्थित वित्त मंत्रालय का दौरा करेंगे, जहां वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर मंत्रालय के कार्य, नीति निर्माण की प्रक्रिया और राष्ट्र निर्माण में संस्थानों की भूमिका को समझेंगे।