भारत-पाकिस्तान सीमा पर ड्रोन के माध्यम से हो रही नशा तस्करी की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन सीमा सुरक्षा बल ( BSF ) ने एक बार फिर तस्करों की कोशिशों को करारा जवाब दिया है। पंजाब सीमा पर बीएसएफ द्वारा किए गए तुरंत और सटीक ऑपरेशनों में तीन पाकिस्तानी ड्रोन मार गिराए गए और 1 किलोग्राम से अधिक हेरोइन बरामद की गई। यह कार्रवाई तस्करों और पाकिस्तान समर्थित ड्रोन नेटवर्क के लिए बड़ा झटका साबित हुई है।

बीएसएफ के अधिकारियों ने बताया कि पंजाब के तरनतारन, फिरोजपुर और अमृतसर जिलों में हुई इस कार्रवाई के दौरान ड्रोन गिराए जाने के साथ-साथ तस्करी के लिए गिराए गए मादक पदार्थों को भी जब्त किया गया। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि पाकिस्तान से होने वाली ड्रोन आधारित तस्करी अब संगठित तरीके से बढ़ रही है, जिसे रोकना एक चुनौती बनता जा रहा है। लेकिन बीएसएफ की सतर्कता और तकनीकी क्षमता ने एक बार फिर यह साबित किया है कि भारतीय सीमा पूरी तरह सुरक्षित है।
बीएसएफ के अनुसार, बीती शाम तरनतारन जिले के गाँव डल के पास ड्रोन घुसपैठ का पता चला। तकनीकी निगरानी और नाइट विजन संसाधनों की मदद से बीएसएफ ने ड्रोन की लोकेशन ट्रैक की और क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
सर्च के दौरान जवानों को 543 ग्राम हेरोइन, एक डीजेआई माविक-थ्री प्रो ड्रोन बरामद हुआ। बीएसएफ का कहना है कि यह ड्रोन पाकिस्तान की ओर से भेजा गया था और इसका उद्देश्य भारत में नशा तस्करी को अंजाम देना था।
सीमा सुरक्षा बल (#BSF) ने पंजाब सीमा से हेरोइन, एक पिस्तौल और गोला बारूद की बडी खेप बरामद की है। बीएसएफ ने पिछले 24 घंटों में अमृतसर के तरनतारन और फिरोजपुर में चलाये गए विभिन्न अभियानों के दौरान तीन ड्रोन भी मार गिराये हैं।#Punjab pic.twitter.com/3DYMfgpaWf
— आकाशवाणी समाचार (@AIRNewsHindi) December 7, 2025
इसके बाद, बीएसएफ इंटेलिजेंस विंग से मिली जानकारी के आधार पर फिरोजपुर के संकत्रा गाँव के पास एक बड़ी तलाशी अभियान चलाया गया। तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों ने 1.173 किलोग्राम हेरोइन, एक डीजेआई माविक-थ्री क्लासिक ड्रोन को जब्त किया। यह ड्रोन उसी मार्ग से आया था, जिसका उपयोग तस्कर अक्सर सीमा पार से सामान गिराने के लिए करते हैं। बीएसएफ अधिकारियों ने बताया कि तस्करों का उद्देश्य हेरोइन की आपूर्ति भारतीय नेटवर्क तक पहुँचाना था, लेकिन इससे पहले ही अभियान सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया।
अमृतसर जिले के रोरणवाला कलां गाँव के पास खेतों में भी एक ड्रोन बरामद किया गया। बीएसएफ का मानना है कि यह ड्रोन संभवतः एंटी-ड्रोन तकनीकी सिस्टम की वजह से या ड्रोन की किसी तकनीकी खराबी के कारण भारतीय सीमा में गिर गया।
यह भी एक उच्च गुणवत्ता वाला ड्रोन था, जो पाकिस्तानी तस्करों द्वारा नशा या हथियार गिराने के लिए उपयोग किया जाता है।
BSF का तकनीकी नेटवर्क
हाल के वर्षों में पाकिस्तान से ड्रोन घुसपैठ के मामलों में निरंतर वृद्धि देखी गई है। ड्रोन आधुनिक सेंसर, उच्च क्षमता वाली बैटरियों और जीपीएस सिस्टम के साथ आते हैं, जिससे तस्करों के लिए रात के समय ड्रॉप पॉइंट तक पहुँचना आसान हो जाता है। लेकिन बीएसएफ ने भी तकनीकी क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की है। बीएसएफ ने नाइट-विज़न आधारित ड्रोन डिटेक्शन सिस्टम, एंटी-ड्रोन गन, राडार आधारित निगरानी, त्वरित प्रतिक्रिया दल की मदद से बीएसएफ सीमा पर लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।
कार्रवाई से तस्करों को बड़ा झटका
इन तीन ड्रोन को गिराए जाने और हेरोइन के पैकेट बरामद होने से पाकिस्तान प्रायोजित तस्करी नेटवर्क को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। बीएसएफ ने कहा कि भारतीय सीमा पर ड्रोन गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी गई है, हर ड्रोन मूवमेंट का डेटा संजोया जा रहा है, तस्करी की नई तकनीकों को रोकने के लिए नई रणनीतियाँ तैयार हो रही हैं।
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