भा.ज.पा. ने वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर एक व्यापक अभियान की शुरुआत की है। अमित शाह ने इस अवसर पर स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि वंदे मातरम् ने स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाई और देश को एकजुट किया। यह अभियान पूरे साल चलेगा और इसमें विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन होगा।
भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) ने शुक्रवार, 7 नवंबर 2025 को वंदे मातरम् के 150वें वर्षगांठ पर एक नया अध्याय जोड़ने का ऐलान किया। यह ऐतिहासिक दिन भाजपा ने अपने इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में मनाया और पार्टी ने राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया, जिसका उद्देश्य इस महान राष्ट्रीय गीत के संदेश को हर भारतीय तक पहुँचाना है।
बिहार भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित भव्य समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस अभियान का शुभारंभ किया, जहाँ उन्होंने वंदे मातरम् के 150 वर्षों की यात्रा को याद किया, आज का दिन स्वदेशी समर्पण दिवस के रूप में मनाने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा, हम सभी ने निर्णय किया है कि आज का दिन हम स्वदेशी को समर्पित करेंगे। कार्यक्रम के दौरान स्वदेशी संकल्प पत्र भी पढ़ा गया, जिसमें विदेशी वस्तुओं के स्थान पर भारतीय उत्पादों को अपनाने, स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहन देने, भारतीय भाषाओं के प्रयोग और स्वदेशी के प्रति जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया गया। शाह ने युवाओं और बच्चों से स्वदेशी को अपनाने की प्रेरणा देते हुए कहा कि वे भारतीय पर्यटन स्थलों की ओर रुख करें और स्वदेशी उत्पादों का इस्तेमाल बढ़ाएं।
VIDEO | Patna: Union Home Minister Amit Shah, along with other BJP leaders, takes a pledge for Swadeshi during the ‘Vande Mataram@150’ celebration at the BJP state office.#VandeMataram150 #AmitShah #Patna
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— Press Trust of India (@PTI_News) November 7, 2025
गृह मंत्री ने इस अवसर पर यह भी घोषणा की कि 7 नवंबर 2025 से 7 नवंबर 2026 तक वंदे मातरम् के 150वें वर्षगांठ पर यह अभियान पूरे साल चलता रहेगा और देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस अभियान का उद्देश्य वंदे मातरम् के महत्व को जन-जन तक पहुंचाना है, ताकि यह गीत राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बने। अमित शाह ने कहा कि 7 नवंबर 1875 को बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित इस गीत ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में जोश और आत्मबल का संचार किया था, और आज भी यह भारत की एकता और अखंडता का प्रतीक बना हुआ है। इसके बाद शाह ने यह भी कहा कि 15 अगस्त 1947 को सरदार पटेल के अनुरोध पर पंडित ओंकारनाथ ठाकुर ने इस गीत का पूर्ण गायन किया था और फिर 24 जनवरी 1950 को इसे राष्ट्रगीत के रूप में स्वीकार किया गया था।
भाजपा के इस अभियान में एक डिजिटल पहल भी शामिल है, जिसमें ‘वंदे मातरम 150″ मीडिया अभियान चलाया जाएगा। इसके माध्यम से लोग अपनी मातृभाषा में वंदे मातरम् को लिखकर इस संदेश को फैलाएंगे और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देंगे।

इसके अलावा, शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी अपनी बात साझा करते हुए लिखा कि वंदे मातरम् ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ पूरे देश को एकजुट किया और स्वतंत्रता की चेतना को प्रज्वलित किया। इसके साथ ही उन्होंने यह भी घोषणा की कि यह अभियान पूरे वर्ष चलेगा और इस दौरान अलग-अलग आयोजनों के माध्यम से वंदे मातरम् के संदेश को और फैलाया जाएगा।
इस अभियान में एक डिजिटल पहल भी होगी, जिसका विषय ‘#VandeMataram150’ सोशल मीडिया पर इस्तेमाल किया जाएगा। कार्यक्रम में बिहार भाजपा के चुनाव प्रभारी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान समेत अन्य नेताओं ने ‘स्वदेशी संकल्प पत्र’ पढ़कर एक प्रतिज्ञा ली।
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