BJP विधायकों की बैठक..विपक्ष की क्यों बढ़ी टेंशन ?

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BJP विधायकों की एक बैठक ने यूपी की सियासत को गरमा दिया है। विपक्ष इसे सियासी गोलबंदी बता रहा है, जबकि बीजेपी विकास और आपसी संवाद की बात कहकर सभी अटकलों को खारिज कर रही है। यूपी में गिरते पारे के चलते मौसम भले ही सर्द होता जा रहा है लेकिन राजधानी लखनऊ में हुई एक बैठक ने पूरे यूपी का सियासी पारा हाई कर दिया है, दरअसल राजधानी लखनऊ में उत्तर प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र चल रहा था। यूपी के सभी विधायक राजधानी लखनऊ में मौजूद थे, लेकिन असली हलचल तब मची जब मंगलवार रात को बीजेपी के ब्राह्मण विधायकों की गोलबंदी की तस्वीरें सार्वजनिक हुई।

क्या है ब्राह्मण विधायकों के सहभोज का महत्व?

इस सहभोज के आयोजन के बाद से यूपी की सियासत में कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। विधानसभा सत्र में हिस्सा लेने आए भाजपा के ब्राह्मण विधायकों ने सहभोज के दौरान समाज को लेकर कुछ अहम बातें साझा की। हालांकि, भाजपा के दो विधायकों ने इस पर अधिक कयास लगाने से बचने की अपील की। भाजपा विधायक अनिल त्रिपाठी ने कहा कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य समाज के मुद्दों पर चर्चा करना था, न कि कोई राजनीतिक बयानबाजी।

ब्राह्मण समाज के संघर्ष पर हुई बातचीत

विधायक अनिल त्रिपाठी ने बताया कि इस बैठक में ब्राह्मण समाज के योगदान की भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज ने देश की स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाई और शिक्षा के क्षेत्र में भी योगदान दिया। फिर भी, इस समाज को अपमानित करने की कोशिशें होती रही हैं। इस पर विस्तृत चर्चा की गई।

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सपा और भाजपा के बीच छिड़ी सियासी जंग

ब्राह्मण विधायकों के जुटान पर प्रतिक्रिया देने के दौरान, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने इसे महज एक सामान्य मुलाकात बताया। उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र में विधायकों का एक-दूसरे से मिलना आम बात है और इसे कोई सियासी चश्मे से नहीं देखना चाहिए।

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राजभर का तंज – “सपा ने ब्राह्मणों को कौन से हक दिए थे?”

इस बीच, एनडीए सरकार के सदस्य ओम प्रकाश राजभर ने इस मामले पर तंज कसते हुए कहा कि सपा ने ब्राह्मणों को क्या हक दिए थे? वह अपने बयान में परशुराम जी की मूर्ति की बात करते हुए बोले कि सपा ने तो परशुराम जी की मूर्ति भी स्थापित की थी, लेकिन उनकी जयंती पर एक ट्वीट तक नहीं किया।

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भविष्य के लिए भाजपा का संदेश

भाजपा के विधायकों ने यह भी साफ किया कि उनका लक्ष्य 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को और ज्यादा मजबूती से समर्थन देना है। विधायक रमेश मिश्रा ने कहा कि भाजपा के प्रत्येक वोटर को पार्टी के साथ रखा गया है और उनका यह संकल्प है कि आगामी चुनावों में पार्टी को भारी समर्थन मिलेगा।

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