बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे आने लगे हैं और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को अपने अधिकांश सीटों पर ज़ोरदार बढ़त मिली है। वर्तमान रुझानों के मुताबिक, एनडीए 200 सीटों पर आगे चल रहा है, जो स्पष्ट रूप से बहुमत की ओर इशारा करता है। वहीं, महागठबंधन महज 37 सीटों पर ही बढ़त बना पाया है। कांग्रेस पार्टी, जिसने 61 सीटों पर चुनाव लड़ा था, वह सिर्फ 4 सीटों पर ही नेतृत्व में है, जो उसकी स्थिति में भारी गिरावट को दर्शाता है।
एनडीए गठबंधन के प्रमुख दल भाजपा और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने मजबूत पकड़ बनाई है। भाजपा 84 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि जदयू 62 सीटों पर आगे चल रहा है। इसके अलावा, अन्य सहयोगी दलों ने भी एनडीए को मजबूती दी है। इस जीत के साथ नीतीश कुमार फिर से बिहार के मुख्यमंत्री बनने की तरफ बढ़ रहे हैं। सरकारी योजनाओं और विकास के कामों को जनता ने सराहा है, जिसके कारण एनडीए को व्यापक समर्थन मिला है।
महागठबंधन को इस चुनाव में निराशाजनक परिणाम मिलने लगे हैं। राजद, कांग्रेस और अन्य गठबंधन के साथी उम्मीद के मुताबिक परिणाम नहीं दे पा रहे हैं। खासकर कांग्रेस की स्थिति गजब खराब है, जिसने अधिकांश सीटों पर अपनी पकड़ खो दी है। महागठबंधन के लिए यह चुनाव चेतावनी का संकेत है, जिसे सुधार के लिए नई रणनीतियों की जरूरत है।
इस बार का चुनाव बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय साबित हो रहा है, जहां मतदाताओं ने स्थिर और विकासशील नेतृत्व को प्राथमिकता दी। एनडीए की जीत से राज्य में राजनीतिक स्थिरता बनी रहने की संभावना है, जबकि विपक्ष को अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी।







