पटना। बिहार विधानसभा चुनावों के दूसरे चरण से ठीक पहले प्रदेश की सियासत अपने चरम पर पहुंच गई है। रविवार को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मतदाताओं से एनडीए (NDA) को समर्थन देने की अपील की और कहा कि केवल एनडीए ही बिहार के विकास को निरंतर गति दे सकता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष, खासकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD), ने राज्य को वर्षों तक भ्रष्टाचार और कुशासन की ओर धकेला। चौधरी ने तीखे तेवर में कहा, “बिहार को फिर से अंधकार युग में नहीं लौटने देना है। जिन लोगों ने 55 साल तक देश और राज्य को लूटा, वही आज हमें भ्रष्टाचार का पाठ पढ़ा रहे हैं।” उन्होंने चारा घोटाला का ज़िक्र करते हुए कहा कि जिन दलों ने सरकारी धन की लूट की, वे जनता के सामने आज नए वादे लेकर आ रहे हैं, लेकिन जनता अब सब समझ चुकी है। सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने बिहार को सड़क, बिजली, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे “विकास के रास्ते” को बरकरार रखने के लिए NDA को एक बार फिर बहुमत से सत्ता में लाएं।
चौधरी ने RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी पार्टी ने हमेशा आरक्षण और सामाजिक न्याय के मुद्दे को राजनीतिक स्वार्थ के लिए इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा, “महिला आरक्षण बिल के वक्त लालू जी ने संसद में बिल फाड़ा था। RJD हमेशा से आरक्षण के खिलाफ रही है, जबकि भाजपा ने हर बार इसका समर्थन किया है।” उन्होंने दावा किया कि एनडीए सरकार ने न सिर्फ पिछड़ों और दलितों के अधिकारों को सुरक्षित रखा है, बल्कि युवाओं को रोजगार और अवसर देने की दिशा में भी ठोस काम किया है।
दूसरी ओर, RJD ने चुनाव आयोग और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी ने कहा कि नालंदा जिले में मतदान से पहले EVM से जुड़े CCTV कैमरे करीब आधे घंटे तक बंद रहे, जिससे चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं। RJD ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो साझा करते हुए लिखा, “नालंदा में EVM पर लगे कैमरे आधे घंटे तक बंद रहे। जनता के विरोध के बाद ही कैमरे चालू किए गए। हर बार जब कैमरे बंद होते हैं, उस वक्त अवैध वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाती है।” पार्टी ने चुनाव आयोग (EC) पर “अपनी विश्वसनीयता और जनादेश के साथ खिलवाड़ करने” का आरोप लगाया।
बढ़ते आरोप-प्रत्यारोप के बीच बिहार में चुनावी माहौल और भी गर्म हो गया है। दोनों ही गठबंधनों के बड़े नेता लगातार रैलियां कर रहे हैं और मतदाताओं को लुभाने में जुटे हैं। एनडीए जहां विकास और स्थिरता की बात कर रहा है, वहीं विपक्ष सरकार पर “महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार” के आरोप लगाकर जनता के बीच अपने मुद्दे उठाने की कोशिश कर रहा है। चुनाव आयोग की ओर से कहा गया है कि सभी जिलों में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए हर बूथ पर निगरानी रखी जा रही है।
पहले चरण में रिकॉर्ड 65.08 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो बिहार के चुनावी इतिहास में अब तक का सबसे ऊँचा प्रतिशत है। दूसरे चरण के लिए 11 नवंबर को वोटिंग होगी और परिणाम 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। बिहार की 122 विधानसभा सीटों पर हो रहे इस चुनाव में सत्ता की राह में हर दल अपनी पूरी ताकत झोंक रहा है।
सम्राट चौधरी की प्रेस कॉन्फ्रेंस से यह साफ है कि एनडीए इस बार “विकास बनाम भ्रष्टाचार” के नैरेटिव पर चुनाव लड़ना चाह रहा है, जबकि विपक्ष “विश्वसनीयता और जनादेश” के मुद्दे को जनता के सामने रख रहा है। आने वाले कुछ दिनों में यह साफ हो जाएगा कि बिहार की जनता किस पर भरोसा जताती है — विकास की राह पर चलने वाले एनडीए पर या बदलाव का दावा करने वाले विपक्षी गठबंधन पर।







