लोकतंत्र के महापर्व की शुरुआत, सुबह से बूथों पर लगी कतारें
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के मतदान की शुरुआत आज सुबह सात बजे से हो चुकी है। मुंगेर प्रमंडल के पांच जिलों — मुंगेर, खगड़िया, बेगूसराय, लखीसराय और शेखपुरा — में मतदाता भारी संख्या में मतदान केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। हर बूथ पर सुरक्षा के सख्त इंतज़ाम किए गए हैं, वहीं प्रशासन मतदाताओं की सुविधा सुनिश्चित करने में जुटा है।
मतदान केंद्रों पर सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। महिलाएं, युवा और वृद्ध सभी वर्गों के लोग लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। प्रशासन ने मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी बनाने के लिए विशेष निगरानी रखी है। प्रमंडलीय आयुक्त अवनीश कुमार सिंह खुद विभिन्न बूथों का निरीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राज्य के 18 जिलों की 121 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं। दोपहर 01 बजे तक बिहार में औसतन 42.31 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। शुरुआती घंटों में ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं। विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में लोगों ने सुबह-सुबह घर से निकलकर लोकतंत्र के इस महापर्व में हिस्सा लिया।
राज्य भर में माहौल उत्सव जैसा है। युवाओं और महिलाओं में मतदान को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। प्रशासन ने सभी जिलों में सुरक्षा के सख्त इंतज़ाम किए हैं। संवेदनशील बूथों पर अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है, वहीं सीसीटीवी और वेबकास्टिंग के माध्यम से मतदान प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है। चुनाव आयोग ने कहा है कि अब तक मतदान शांतिपूर्ण और सुचारु रूप से चल रहा है।
संवेदनशील बूथों पर तैनात अतिरिक्त सुरक्षा बल
पहले चरण के मतदान के लिए प्रशासन ने विशाल तैयारी की हैं। मुंगेर प्रमंडल के पांचों जिलों में हजारों मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से कई को संवेदनशील और अति-संवेदनशील घोषित किया गया है। इन बूथों पर अर्धसैनिक बलों और बिहार पुलिस की संयुक्त तैनाती की गई है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक मतदान प्रक्रिया पर लगातार नजर रखे हुए हैं।
प्रशासन ने बताया कि सभी मतदान केंद्रों पर बिजली, पानी, शौचालय और रैंप की सुविधा सुनिश्चित की गई है ताकि दिव्यांग और वृद्ध मतदाताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। वहीं, महिला मतदाताओं के लिए ‘सखी मतदान केंद्र’ बनाए गए हैं, जिनका संचालन पूरी तरह महिला कर्मियों द्वारा किया जा रहा है। इन केंद्रों पर महिलाओं का उत्साह देखने लायक है।
इसी के साथ हर जिले में कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं ताकि मतदाता किसी भी समस्या की सूचना तुरंत दे सकें। मतदान केंद्रों पर EVM और वीवीपैट मशीनों की पहले से जांच कर ली गई है ताकि मतदान के दौरान कोई तकनीकी बाधा न आए।
मतदाताओं में जोश, युवाओं ने दिखाया लोकतंत्र में भरोसा
पहले चरण के मतदान में युवाओं की भागीदारी खास तौर पर देखने को मिल रही है। कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पहली बार मतदान करने वाले छात्र-छात्राएं गर्व और उत्साह के साथ बूथों तक पहुंच रहे हैं। बेगूसराय और मुंगेर में सुबह से ही बड़ी संख्या में युवा मतदाता कतार में दिखे। स्थानीय प्रशासन ने सोशल मीडिया और जागरूकता रैलियों के जरिए मतदाताओं से अपील की थी कि वे घर से निकलकर मतदान करें और लोकतंत्र को मजबूत बनाएं।
खगड़िया जिले के कई ग्रामीण इलाकों में भी लोगों में उत्साह दिखा। कुछ स्थानों पर बूथों पर लंबी कतारों के कारण थोड़ी देर से मतदान शुरू हुआ, लेकिन समग्र रूप से वातावरण शांतिपूर्ण बना हुआ है। मतदाता अपने हाथों में वोटर स्लिप और पहचान पत्र लिए बूथों की ओर बढ़ रहे हैं। प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि किसी भी मतदाता को लौटना न पड़े।
मुंगेर से लेकर शेखपुरा तक प्रशासन की नजर, निगरानी में पूरे मतदान केंद्र
सभी जिलों में वेबकास्टिंग और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से मतदान केंद्रों की लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है। किसी भी अनियमितता या विवाद की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की गई है। वहीं, जिला प्रशासन लगातार कंट्रोल रूम के जरिए बूथों से रिपोर्ट प्राप्त कर रहा है।
लखीसराय और शेखपुरा जिलों में भी सुबह से मतदान शांतिपूर्ण चल रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी मतदान केंद्रों पर सुरक्षा बलों की तैनाती ने लोगों का विश्वास बढ़ाया है। मतदाता खुले मन से मतदान कर रहे हैं और लोकतांत्रिक जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
प्रशासन और आयोग को बढ़ी मतदान प्रतिशत की उम्मीद,
पहले चरण के मतदान को लेकर चुनाव आयोग को उम्मीद है कि इस बार मतदान प्रतिशत में पिछले चुनावों की तुलना में वृद्धि होगी। इसके लिए व्यापक जनजागरण अभियान चलाया गया था। मुंगेर प्रमंडल में महिला मतदाताओं की सक्रियता इस दिशा में बड़ा संकेत दे रही है। कई मतदान केंद्रों पर महिलाओं की लंबी कतारें दिखाई दीं, जो सामाजिक बदलाव का प्रतीक हैं।
आयुक्त सिंह ने कहा है कि “मतदान केवल अधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है। हर मतदाता को निर्भय होकर मतदान केंद्र पहुंचना चाहिए। प्रशासन उनकी सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
मुंगेर प्रमंडल का छठा जिला जमुई दूसरे चरण में 11 नवंबर को मतदान करेगा। पहले चरण के शांतिपूर्ण संचालन को लेकर निर्वाचन आयोग और स्थानीय प्रशासन ने राहत की सांस ली है। अब सबकी निगाहें मतदान प्रतिशत और आने वाले नतीजों पर टिकी हैं।







