भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में एसआईआर (Special Intensive Revision - विशेष गहन पुनरीक्षण) की समयसीमा में विस्तार किया है। इस निर्णय के तहत, पुदुचेरी, गोवा, लक्षद्वीप, राजस्थान और पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की अंतिम तिथि अब 19 जनवरी 2026 तक बढ़ा दी गई है। यह कदम निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। निर्वाचन आयोग ने इस संदर्भ में एक पत्र जारी कर मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को सूचित किया है। आयोग ने निर्देश दिया है कि मुख्य कार्यकारी अधिकारी दावा और आपत्ति की बढ़ी हुई अवधि के बारे में व्यापक प्रचार प्रसार सुनिश्चित करें ताकि अधिक से अधिक लोग इस प्रक्रिया में भाग ले सकें। निर्वाचन आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय सारणी का कड़ाई से पालन करने का आदेश दिया है। आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के अनुरोधों और अन्य संबंधित कारकों पर विचार करते हुए एसआईआर की समय सीमा को बढ़ाने की मंजूरी दी है। विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूचियों को सटीक और समावेशी बनाने पर उद्देश्य से एसआईआर किया जा रहा है। वहीं विभिन्न राज्यों में ड्राफ्ट मतदाता सूची दिसंबर 2025 में प्रकाशित की गई थी।
समयसीमा बढ़ाने का कारण और प्रक्रिया
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किए गए एक नोटिफिकेशन के अनुसार, यह विस्तार मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की मांग और यह सुनिश्चित करने के प्रयास के तहत किया गया है कि सभी योग्य मतदाता सही तरीके से सूची में शामिल हो सकें। आयोग ने यह सुनिश्चित किया है कि समय सीमा के विस्तार के बाद, सभी मतदाता अपनी जानकारी को अपडेट कर सकें, नए मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवा सकें या सूची में किसी भी त्रुटि के खिलाफ आपत्ति उठा सकें। यह निर्णय गुरुवार को एक पत्र के जरिए सूचित किया गया। यह कदम मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की मांगों और सभी योग्य मतदाताओं को सूची में शामिल करने को सुनिश्चित करने वाले कारकों पर विचार के बाद लिया गया है। इस नोटिफिकेशन में इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को संबोधित किया गया है। इसमें आयोग के पहले 27 दिसंबर 2025 के पत्र का भी जिक्र है, जिसमें एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) का कार्यक्रम बताया गया था और 1 जनवरी 2026 को पात्रता तिथि के रूप में तय किया गया था।
नोटिफिकेशन के प्रमुख बिंदु
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नवीनतम समयसीमा: दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तारीख अब 19 जनवरी 2026 होगी।
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मुख्य निर्वाचन अधिकारियों का निर्देश: इस नोटिफिकेशन को राज्य के राजपत्रों के विशेष अंक में प्रकाशित करने और आयोग के रिकॉर्ड के लिए तीन प्रतियां भेजने का निर्देश दिया गया है।
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अधिकारियों द्वारा प्रचार: मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को इस विस्तार की जानकारी सभी माध्यमों, जैसे मीडिया, बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ), ऑनलाइन पोर्टल और ऐप के जरिए प्रचारित करने का निर्देश दिया गया है।
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एसआईआर का उद्देश्य: यह कार्यक्रम 2026 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूचियों को अपडेट करने का हिस्सा है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि प्रत्येक योग्य नागरिक का नाम सूची में शामिल किया जाए और जो गैर-योग्य प्रविष्टियां (जैसे स्थानांतरण, मृत्यु, डुप्लिकेट या अन्य त्रुटियां) हैं, उन्हें हटाया जाए।
चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करना
भारत निर्वाचन आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और सटीकता बनाए रखने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को संशोधित कार्यक्रम का सख्ती से पालन करना चाहिए। यह कदम मुख्य रूप से यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि कोई भी योग्य मतदाता चुनाव प्रक्रिया से बाहर न रहे और मतदान के दौरान सभी के अधिकार सुरक्षित हों।
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नए मतदाता और पहली बार वोट डालने वाले
भारत निर्वाचन आयोग ने नए और पहली बार वोट डालने वाले योग्य मतदाताओं को सलाह दी है कि वे फॉर्म 6 को जल्द से जल्द भरकर बूथ स्तर के अधिकारियों के पास जमा कर दें या ऑनलाइन पोर्टल पर जमा करें। यह कदम सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है कि चुनावों में हर नए और पहली बार वोट डालने वाले मतदाता का नाम सही तरीके से सूची में जोड़ा जाए।
राजनीतिक दलों और नागरिक समाज के समूहों का स्वागत
यह कदम राजनीतिक दलों और नागरिक समाज के समूहों द्वारा स्वागत किया गया है, जिन्होंने इसे चुनावी प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और लोकतांत्रिक तरीके से मतदाताओं के अधिकारों को सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर की समयसीमा बढ़ाने का निर्णय चुनावी प्रक्रिया में और अधिक पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करेगा। यह निर्णय राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची को सही और अप-टू-डेट रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यदि आप भी इस प्रक्रिया में भाग लेना चाहते हैं, तो 19 जनवरी 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज कर सकते हैं।
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