न्यू जलपाईगुड़ी (पश्चिम बंगाल)। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को मालदा टाउन रेलवे स्टेशन से हावड़ा और गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच चलने वाली भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यह ट्रेन लंबी दूरी की यात्राओं के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी और यात्रियों को एयरलाइन जैसा आरामदायक अनुभव देगी।
रेल मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री इस अवसर पर चार नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को भी वर्चुअली हरी झंडी दिखाएंगे। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल को एक दर्जन से अधिक नई ट्रेनों का तोहफा मिलने जा रहा है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की पहली सेवा शनिवार से गुवाहाटी से कोलकाता के लिए शुरू होगी।
अश्विनी वैष्णव ने न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करते हुए बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पश्चिम बंगाल के 101 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन पर दो नए प्लेटफॉर्म जोड़े जा रहे हैं, एक नया क्षेत्र आईटी हब के रूप में विकसित किया जा रहा है और ट्रेनों के रखरखाव से जुड़ी सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में रेलवे विकास के लिए करीब 13 हजार करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
प्रधानमंत्री 17 जनवरी से पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। 17 जनवरी को मालदा में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के उद्घाटन के अलावा वह 3,250 करोड़ रुपये से अधिक की रेल और सड़क बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे और कई नई परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे।
18 जनवरी को प्रधानमंत्री हुगली जिले के सिंगूर में लगभग 830 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।
रेल मंत्रालय के अनुसार, हावड़ा–गुवाहाटी (कामाख्या) वंदे भारत स्लीपर ट्रेन से यात्रा समय करीब ढाई घंटे कम हो जाएगा। इससे धार्मिक पर्यटन और टूरिज्म को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। पूरी तरह वातानुकूलित यह ट्रेन तेज, सुरक्षित और किफायती यात्रा विकल्प के रूप में पेश की जा रही है।
प्रधानमंत्री चार प्रमुख रेलवे परियोजनाओं की भी आधारशिला रखेंगे, जिनमें बालुरघाट–हिली के बीच नई रेल लाइन, न्यू जलपाईगुड़ी में अगली पीढ़ी की फ्रेट मेंटेनेंस सुविधा, सिलीगुड़ी लोको शेड का उन्नयन और जलपाईगुड़ी जिले में वंदे भारत ट्रेन मेंटेनेंस सुविधाओं का आधुनिकीकरण शामिल है। इन परियोजनाओं से उत्तरी बंगाल में लॉजिस्टिक्स व्यवस्था मजबूत होगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
इसके साथ ही न्यू कूचबिहार–बामनहाट और न्यू कूचबिहार–बोक्सिरहाट रेल लाइनों के विद्युतीकरण को भी राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा, जिससे तेज, स्वच्छ और ऊर्जा-कुशल रेल संचालन संभव होगा।
प्रधानमंत्री वर्चुअली चार नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों—न्यू जलपाईगुड़ी–नागरकोइल, न्यू जलपाईगुड़ी–तिरुचिरापल्ली, अलीपुरद्वार–एसएमवीटी बेंगलुरु और अलीपुरद्वार–मुंबई (पनवेल)—को भी हरी झंडी दिखाएंगे। इसके अलावा एलएचबी कोचों से लैस राधिकापुर–एसएमवीटी बेंगलुरु और बालुरघाट–एसएमवीटी बेंगलुरु एक्सप्रेस भी शुरू की जाएंगी।
रेल मंत्रालय का कहना है कि इन परियोजनाओं से किफायती और विश्वसनीय लंबी दूरी की कनेक्टिविटी बढ़ेगी, जिससे आम यात्रियों, छात्रों, प्रवासी श्रमिकों और व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग-31डी के धूपगुड़ी–फलाकाटा खंड के चार लेन निर्माण की आधारशिला भी रखी जाएगी, जिससे उत्तरी बंगाल में सड़क कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।











